Yuzvendra Chahal: भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में रनों की बरसात देखने को मिली. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 249 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. 250 रनों के बड़े लक्ष्य को देखकर लग रहा था कि भारत की जीत पक्की है, लेकिन वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से पूरा मैच पलट दिया. होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली. उनके अलावा, शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन ठोक डाले.
होप और रदरफोर्ड की पारियों के दम पर वेस्टइंडीज ने 250 रनों का लक्ष्य 18.3 ओवर में ही हासिल कर लिया. इस हाई स्कोरिंग मुकाबले के बाद टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे पर फिर से बहस शुरू हो गई है. भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने सपाट पिचों पर गेंदबाजों की मुश्किलों को लेकर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी ही पिचें बनानी हैं, तो गेंदबाजों की जगह बॉलिंग मशीन ही लगा देनी चाहिए.
सपाट पिच पर गेंदबाजों की हालत देख भड़के युजवेंद्र चहल
लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे युजवेंद्र चहल वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी20 सीरीज में स्टार स्पोर्ट्स के लिए कमेंट्री कर रहे हैं. इसी दौरान चहल ने आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों के सामने आने वाली चुनौतियों पर अपनी राय रखी. चहल ने कहा, “ऐसी विकेटों पर गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं बचता. जब गेंद पुरानी हो जाती है, ओस पड़ती है, गेंद बल्ले पर आसानी से आती है और मैदान छोटे होते जा रहे हैं.”
उन्होंने आईपीएल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी 260 रन जैसे बड़े लक्ष्य 19 ओवर में हासिल किए जा चुके हैं. वेस्टइंडीज ने भी भारत के खिलाफ 250 रन का लक्ष्य महज 18.3 ओवर में पूरा कर लिया. भारतीय स्पिनर ने सवाल उठाया कि जब बल्लेबाजों को इस तरह की परिस्थितियों में लगातार फायदा मिलता है, तो गेंदबाज अपनी स्किल का इस्तेमाल कैसे कर पाएंगे?
‘बॉलिंग मशीन ही लगा देनी चाहिए’
चहल ने आगे कहा कि, “एक गेंदबाज होने के नाते मुझे ऐसे हालात में गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ियों के लिए बुरा लगता है. जब मैं आईपीएल में छोटे मैदानों पर सपाट विकेटों पर गेंदबाजी करता हूं, तो आपके पास एक इम्पैक्ट प्लेयर भी होता है.” उन्होंने कहा, “पहले जब इम्पैक्ट प्लेयर नियन नहीं था, तब पावरप्ले में 50 रन बनना भी सामान्य माना जाता था और 170-180 रन का स्कोर चुनौतीपूर्ण होता था. लेकिन अब शुरुआती 6 ओवर में ही 70-80 रन बन जाते हैं, जिससे मुकाबले का रुख काफी हद तक बदल जाता है.”
चहल ने आगे जोर देते हुए कहा कि पिचों पर गेंदबाजों के लिए भी कुछ मदद होनी चाहिए, ताकि मुकाबला दोनों पक्षों के बीच संतुलित रहे. अगर ऐसा नहीं होता है, तो गेंदबाजों के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जाएंगी. इसी संदर्भ में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, “अगर पिचों पर गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं रखना है, तो फिर बॉलिंग मशीन ही लगा देनी चाहिए.”
रोस्टन चेज को छोड़ बाकी गेंदबाजों की जमकर हुई पिटाई
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में गेंदबाजों के लिए मुश्किल परिस्थितियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों टीमों ने मिलाकर कुल 13 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया और लगभग सभी की जमकर पिटाई हुई. सिर्फ रोस्टन चेज एकमात्र ऐसे गेंदबाज रहे, जिनका इकॉनमी रेट 11 रन प्रति ओवर से कम रहा. चेज ने अपने 4 ओवर के स्पेल में महज 24 रन देकर 3 विकेट हासिल किए. विकेट गिरने के बाद नए बल्लेबाजों ने भी उनके सामने संभलकर बल्लेबाजी की, जिसका फायदा चेज को मिला. उनके अलावा बाकी सभी 12 गेंदबाजों का इकॉनमी रेट 11 रन प्रति ओवर से ज्यादा रहा.