T20 World Cup: टी-20 वर्ल्ड कप का पहला संस्करण साल 2007 में साउथ अफ्रीका की सरजमीं पर खेला गया था. भारत ने एमएस धोनी की अगुवाई में खिताब जीता था. भारत और पाकिस्तान के बीच लीग स्टेज में भी भिड़ंत हुई थी. हालांकि ये मैच ड्रॉ हो गया था. लेकिन क्या आप जानते हैं इस मैच का नतीजा सुपर ओवर के जरिए नहीं, बल्कि बॉल आउट के जरिए आया था. आइए समझते हैं इसके पीछे की वजह.
क्यों निकाला गया था बॉल आउट के जरिए मैच का नतीजा?
भारत और पाकिस्तान 14 सितंबर 2007 को लीग स्टेज में भिड़े थे. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 141 रन बनाए थे, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने 141 रन बनाकर मुकाबला ड्रॉ करा दिया.
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इसके बाद अंपायर ने बॉल आउट के जरिए मैच का नतीजा निकालने के निर्देश दिए. बता दें कि उस समय मैच टाई होने पर सुपर ओवर के जरिए मैच का नतीजा नहीं निकलता था. बल्कि आईसीसी के नियम के मुताबिक टाई हुए मैच का नतीजा निकालने के लिए बॉल आउट का नियम था. ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच बॉल आउट के जरिए इस मैच का नतीजा निकाला गया था. हालांकि इसके बाद आईसीसी ने नियम में बदलाव किया और अब ड्रॉ मैच का नतीजा सुपर ओवर के जरिए निकाला जाता है. भारत के 3 खिलाड़ियों ने इस मैच में 3 बार गेंद को विकेट हिट किया था, जबकि पाकिस्तान की ओर से केवल 2 ही खिलाड़ियों नें गेंद को स्टंप्स पर हिट्स किया था.
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क्या होता है बॉल आउट?
दरअसल दोनों टीमों को 5-5 खिलाड़ियों को खाली स्टंपस पर गेंद थ्रो करनी होती थी. जो टीम के खिलाड़ी सबसे ज्यादा बार स्टंप्स को हिट करती थी वह टीम विजेता घोषित करार दी जाती थी. हालांकि अब ये नियम बदल गया है. अब सुपर ओवर के जरिए मैच के नतीजे निकाले जाते हैं.
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