Toss May End From This Domestic Tournament: क्रिकेट में अजीबोगरीब नियम लागू हो सकता है। टॉस किसी भी मुकाबले की सबसे अहम पहलू मानी जाती है। अधिकांश ऐसा देखा जाता है कि जो टीम टॉस जीतती है, वह मैच को अपने नाम करने में भी कामयाब रहती है। लेकिन अब जो खबर आ रही है, इससे आप भी हैरान हो सकते हैं। बीसीसीआई टॉस को ही हटाने की तैयारी कर रहा है। अंडर-23 टूर्नामेंट सीके नायडू ट्रॉफी से टॉस को खत्म किया जा सकता है। इसके लिए बीसीसीआई ने प्रस्ताव रखकर सुझाव मांगा है। इस नए नियम के तहत मेहमान टीम के पास बिना टॉस जीते ऑप्शन होगा कि वह बल्लेबाजी करना चाहते हैं या फिर गेंदबाजी।
क्यों लिया जा सकता है ये फैसला
यह सुझाव किसी और ने नहीं, बल्कि बीसीसीआई सचिव जय शाह ने दी है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट के नियमों में बदलाव करने के लिए कई प्रस्ताव पेश किए हैं, उन्हीं प्रस्तावों में एक प्रस्ताव टॉस खत्म करने का भी पेश किया है। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही अंडर-23 टूर्नामेंट सीके नायडू ट्रॉफी से टॉस खत्म किया जा सकता है। यह इसलिए किया जा रहा है, ताकि मेजबान टीम को अधिक फायदा नहीं मिल सके। टेस्ट क्रिकेट हो या फिर टी20 क्रिकेट हो, इसमें टॉस की भूमिका काफी अधिक होती है।
कई खिलाड़ी उठा चुके हैं टॉस पर सवाल
टेस्ट क्रिकेट में मेजबान टीम को पिच का काफी फायदा मिलता है, क्योंकि वह अपनी मजबूती और कमजोरी को देखते हुए पिच तैयार करवाती है। ऐसे में अगर मेजबान टीम टॉस भी जीत जाती है, तो विरोधी टीम के मैच लिए जीत पाना मुश्किल हो जाता है। कई खिलाड़ियों का मानना है कि इस परिस्थिति में फेयर मैच नहीं हो पाता है। इसको लेकर भारत के ऑलराउंडर खिलाड़ी शार्दुल ठाकुर भी सवाल खड़े कर चुके हैं। इसके अलावा भी कई खिलाड़ियों का मानना है कि मेहमान टीम के पास बल्लेबाजी या फिर गेंदबाजी करने की च्वाइस होनी चाहिए। यही कारण है कि बीसीसीआई ने टॉस खत्म करने के लिए प्रस्ताव रखा है। अब अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो अंडर-23 टूर्नामेंट सीके नायडू ट्रॉफी टूर्नामेंट से जल्द ही टॉस खत्म हो सकता है।