बेस्ट थ्रो के बाद भी मेडल से चूके सचिन यादव, अगर ऐसा होता तो पक्का था पदक, पढ़ें इनसाइड स्टोरी

Sachin Yadav Best Throw: वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 फाइनल में सचिन यादव ने कमाल कर दिया. उन्होंने अपने करियर का बेस्ट थ्रो किया और प्रतियोगिता में चौथे पायदान पर आए. उन्होंने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन अगर वो अपने थ्रो के दौरान छोटा सा बदलाव करते, तो भारत को जैवलिन में गोल्ड मेडल मिल जाता.

Sachin Yadav Finished 4th at World Athletics Championship

बेस्ट थ्रो, फिर भी मेडल से चूके सचिन यादव

World Athletics Championships 2025: वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में नीरज चोपड़ा से सभी को उम्मीद थी. उन्होंने 2023 में इसी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था लेकिन 2025 में वो सफल रहे. इसी बीच भारत के सचिन यादव अपने पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल का हिस्सा बने थे. उन्होंने इसी बीच काफी प्रभावशाली प्रदर्शन किया और अपने करियर का बेस्ट थ्रो किया. इसके बावजूद वो मेडल से चूक गए. अगर वो थोड़े नर्वस नहीं होते और एक गलती नहीं करते, तो शायद वर्ल्ड चैंपियनशिप में उनका पदक पक्का था.

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सचिन यादव का वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप फाइनल में प्रदर्शन

यादव ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में कमाल कर दिया. जब सारा फोकस नीरज चोपड़ा पर था, तब सचिन ने अपने करियर का सबसे बेस्ट थ्रो किया. उन्होंने पहले ही राउंड में 86.27 मीटर का थ्रो किया. उनके सभी राउंड का नतीजा इस प्रकार है:

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  • पहला राउंड: 86.27
  • दूसरा राउंड: फाउल
  • तीसरा राउंड: 85.71
  • चौथा राउंड: 84.90
  • पांचवां राउंड: 85.96
  • छठा राउंड: 80.95

सचिन अपने पहले थ्रो के दम पर फाइनल में चौथे पायदान पर आने में सफल हुए. उन्होंने उम्मीद से भी बेहतर प्रदर्शन करके भारत का नाम ग्लोबल स्टेज पर ऊंचा किया.

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बेस्ट थ्रो के बावजूद मेडल से चूके

सचिन यादव ने अपने करियर का सबसे बेस्ट थ्रो कर दिया लेकिन वो मेडल नहीं जीत पाए. वो मात्र 0.40 मीटर (40 सेंटीमीटर) से पीछे रह गए. दरअसल, यूनाइटेड स्टेट्स के कर्टिस थॉम्पसन ने पहले राउंड में 86.67 मीटर का थ्रो किया था, वहीं सचिन का भाला 86.27 मीटर गया था. थॉम्पसन इसी वजह से ब्रॉन्ज मेडल विजेता बने. अगर सचिन थोड़ी और दूर थ्रो कर देते, तो उन्हें अपने करियर की सबसे बड़ी जीत मिल जाती. हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय स्टेज पर उनका ये प्रदर्शन तारीफ के लायक है.

ऐसा करते, तो सचिन का पदक पक्का था

सचिन यादव अपने जैवलिन करियर के पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल का हिस्सा बने थे. ऐसे में उनके ऊपर अच्छा करने का काफी दबाव था. उन्होंने जो 86.27 मीटर का थ्रो किया, उसमें वो बॉर्डर लाइन के बहुत पीछे थे. साफ तौर पर उन्होंने सेफ रहने और फाउल से बचने के लिए ऐसा किया था. अगर यहां पर वो थोड़ा आगे होते, तो उनका थ्रो भी दूर जाता. ये कदम उन्हें ब्रॉन्ज पदक का विजेता बना सकता था. सचिन यादव अभी मात्र 25 साल के हैं और जब उनका अनुभव बढ़ेगा, तो वो जरूर भारत का नाम रोशन करेंगे.

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