Sachin Tendulkar: पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के खेल में अब तक के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में से एक हैं। तेंदुलकर ने 11 साल पहले यानी 2013 में क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन लोगों के दिलों में उनका दबदबा अभी भी कायम है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की, जो काफी वायरल हो रही है। तेंदुलकर के इस पोस्ट ने फैंस की पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। उन्होंने इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि किस अंपायर ने स्टंप को इतना बड़ा महसूस कराया।’
सचिन पोस्ट में एक बड़े पेड़ के सामने खड़े हुए हैं और उसके सामने बैटिंग करते नजर आ रहे हैं। यहां फैंस ने उनकी पोस्ट पर कई अंपायरों के नाम बताए। लेकिन जिस अंपायर ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी, वो वेस्टइंडीज के स्टीव बकनर हैं। कई फैंस ने यह भी माना कि इस पोस्ट के जरिए सचिन ने बकनर पर कटाक्ष किया है। दरअसल 90 और 2000 के दशक में बकनर के कई फैसले सचिन के खिलाफ गए थे। खास बात यह है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान भी इस पोस्ट में शामिल हो गए और उन्होंने लिखा कि डीआरएस के युग में स्टीव बकनर मैदान से मीलों दूर भाग जाते।
सचिन कई बार बने गलत फैसले के शिकार
बता दें कि 2003 में ब्रिसबेन के गाबा के मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट मैच के दौरान बकनर ने सचिन को जेसन गिलेस्पी की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट करार दिया था। हालांकि टीवी रिप्ले में साफ तौर पर दिखा कि गेंद स्टंप को मिस कर रही थी। बकनर के इस फैसले ने भारतीय फैंस और क्रिकेट जगत को काफी नाराज कर दिया था। यह गलती इतनी गंभीर थी कि यह एक बड़ा मुद्दा बन गया था, जिसमें कई लोगों ने बकनर के फैसले पर सवाल उठाए थे।
बकनर के फैसले से नाराज हो गए थे फैंस
दूसरी घटना दो साल बाद 2005 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भारत और पाकिस्तान के बीच टेस्ट मैच के दौरान हुई थी। यहां अब्दुल रज्जाक की गेंद पर तेंदुलकर को कैच आउट दे दिया गया, जबकि गेंद और तेंदुलकर के बल्ले के बीच कोई कनेक्शन नहीं हुआ था। गेंद टप्पा खाने के बाद तेंदुलकर से दूर चली गई थी और बाद में रिप्ले से भी यह कंफर्म हो गया था कि गेंद बल्ले से नहीं लगी थी। अंपायर के इस फैसले ने तेंदुलकर की एक शानदार पारी को समाप्त कर दिया और मैच की स्पीड को कम कर दिया। बकनर के इस फैसले ने भारतीय फैंस को नाराज कर दिया, जिसके बाद कई लोगों ने अंपायरिंग का स्तर सुधारने की बात कही थी।