India vs Australia: रोहित शर्मा की अगुवाई में टीम इंडिया को हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 3-1 से रौंद दिया। टीम ने इसके साथ ही दस साल बाद कंगारू टीम के खिलाफ यह सीरीज गंवा दी। इस सीरीज के तीसरे टेस्ट के बाद दिग्गज स्पिनर आर अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करके सभी को चौंका दिया था। अश्विन ने अब सीरीज को लेकर कहा है कि अगर कंगारू तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड नहीं खेलते तो भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीत सकता था।
बोलैंड को एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट में जोश हेजलवुड की जगह टीम में शामिल किया गया था, जो चोट के कारण बाहर हो गए थे। उन्होंने मैच में पांच विकेट झटके, लेकिन इसके बाद अगले टेस्ट में हेजलवुड की वापसी पर उन्हें बाहर कर दिया गया। बोलैंड ने पूरी सीरीज में तीन टेस्ट खेले और इसमें 21 विकेट झटके। वो सीरीज में तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उन्होंने भारत के खिलाफ सबसे बढ़िया प्रदर्शन सिडनी में किया, जहां दोनों टीमों के बीच सीरीज का पांचवां टेस्ट खेला गया। उन्होंने मैच में 10 विकेट अपने नाम किए। उन्हें इस जोरदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जिसके दम पर टीम ने यह मैच छह विकेट से अपने नाम किया और सीरीज पर 3-1 से कब्जा किया।
हेजलवुड की चोट वरदान साबित हुई- अश्विन
अश्विन ने कहा कि जोश हेजलवुड की चोट कंगारू टीम के लिए वरदान साबित हुई। अश्विन ने अपने हिंदी यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘सभी ने कहा कि पैट कमिंस ने पूरी सीरीज में शानदार खेल दिखाया, लेकिन लेकिन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ उन्हें संघर्ष करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया भाग्यशाली था कि स्कॉट बोलैंड टीम में आए। अगर बोलैंड नहीं खेलते तो भारत सीरीज जीत जाता।’
अश्विन ने कहा, ‘जोश हेजलवुड को कोई बुरा नहीं मानना चाहिए क्योंकि वह एक शानदार गेंदबाज हैं। लेकिन अगर वे इसी तरह की गेंदबाजी जारी रखते तो हम जीत जाते। हमारे बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए बोलैंड की राउंड-द-विकेट गेंदों ने काफी मुश्किलें पैदा कीं।’
बोलैंड ने पेस तिकड़ी में शामिल होने के हकदार
बता दें कि टेस्ट क्रिकेट में भारत की बैटिंग लाइनअप यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाजों से भरी हुई है। बोलैंड ने सीरीज में जायसवाल और पंत को दो-दो बार आउट किया, जबकि नियमित रूप से दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली को पवेलियन भेजा। 35 साल के बोलैंड भले ही अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हों, लेकिन उन्होंने खुद को ऑस्ट्रेलिया की मशहूर पेस तिकड़ी में शामिल होने का असली दावेदार बना लिया है। बोलैंड ने 13 टेस्ट मैचों में 17.66 के जोरदार औसत से अब तक 56 विकेट झटके हैं।