Paris Olympics 2024 में कुश्ती की 50 किग्रा वर्ग कैटेगरी (महिला) में फाइनल तक का सफर तय करने वाली भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट को टूर्नामेंट से अयोग्य घोषित कर दिया गया। विनेश फोगाट पर ये कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि उन्हें फाइनल मैच से पहले 100 ग्राम ज्यादा वजन का पाया गया। विनेश फोगाट ने अपनी इस अयोग्यता के खिलाफ खेल पंचाट न्यायालय (CAS) में अपील दायर की थी। विनेश फोगाट ने अपनी अपील में उन्हें संयुक्त रूप से सिल्वर मेडल दिए जाने की मांग की थी। इस अपील पर सीएएस ने सुनवाई पूरी कर ली है, लेकिन अभी तक फैसला नहीं आ पाया है।
लगातार तीसरी बार स्थगित हुई निर्णय की तारीख
खेल पंचाट न्यायालय ने विनेश फोगाट की इस अपील पर 11 अगस्त से पहले फैसला देने की समयसीमा बताई थी। लेकिन बाद में इसे 13 अगस्त कर दिया गया था। अब फिर से निर्णय देने की तारीख को 16 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया है। माना जा रहा है कि 16 अगस्त से पहले सीएएस विनेश फोगाट की इस अपील पर अपना फैसला सुना देगा। फिलहाल भारत के करोड़ों खेल प्रशंसकों को विनेश फोगाट मामले पर आने वाले निर्णय का बेसब्री से इंतजार है।
फैसला पक्ष में आया तो बढ़ जाएगी मेडल की संख्या
खेल पंचाट न्यायालय अगर विनेश फोगाट के पक्ष में अपना फैसला देता है तो ये भारत के लिए बड़ी जीत होगी। विनेश फोगाट ने अपनी अपील में कुश्ती की 50 किग्रा भार वर्ग की स्पर्धा का सिल्वर मेडल संयुक्त रूप से उन्हें दिए जाने की मांग की है। खेल पंचाट न्यायलय अगर विनेश फोगाट के पक्ष में अपना फैसला देता है तो भारत को एक और सिल्वर मेडल मिल जाएगा। इससे भारत के कुल पदकों की संख्या 7 हो जाएगी। भारत को इस ओलंपिक में कुल 6 पदक ही मिल पाए थे। ये पदक हॉकी, एथलेटिक्स, शूटिंग और कुश्ती की खेल स्पर्धा में आए थे।
चाचा बोले, अब आएगा गोल्ड
सीएएस की ओर से फैसले पर लगातार हो रही देरी पर विनेश फोगाट के चाचा और उनके बचपन के कोच महावीर फोगाट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विनेश फोगाट ने कहा कि ‘हम पिछले 5-6 दिनों से फैसले का इंतजार कर रहे थे। हमें नतीजे की उम्मीद थी। लेकिन हमें तारीख पर तारीख मिल रही है। हम सीएएस के फैसले का इंतजार करेंगे और उसे स्वीकार करेंगे। हम ही नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीय इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि फैसला हमारे पक्ष में होगा। हम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने का प्रयास करेंगे। जब विनेश फोगाट वापस आएंगी तो हम उसका स्वागत गोल्ड मेडलिस्ट की तरह करेंगे।