यूएई के बाद अब जापान में बेइज्जत हुआ पाकिस्तान, फर्जी फुटबॉल टीम का भंडाफोड़, सरेआम पकड़ी गई चोरी

Pakistan Fake Football Team: जापान में पाकिस्तान की एक फेक फुटबॉल टीम का भंडाफोड़ हुआ है. फर्जी प्लेयर्स को तुरंत पाकिस्तान भेज दिया गया है. जांच में पाया गया कि अपराधी अवैध रूप से जापान में प्रवेश करने की फिराक में थे और वह खुद को पाकिस्तान की फुटबॉल टीम का हिस्सा बता रहे थे.

Pakistan Fake Football Team

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Pakistan Fake Football Team: खेल की दुनिया में पाकिस्तान जमकर बेइज्जत हो रहा है. यूएई की धरती पर खेले जा रहे एशिया कप 2025 में तो पड़ोसी मुल्क शर्मसार हो ही रहा है अब जापान में पाकिस्तान के बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ भी हो गया है. दरअसल, जापान में खेले जा रहे टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान की ओर से फर्जी फुटबॉल टीम पहुंची थी. हालांकि, अधिकारियों को शक हुआ और जांच करने पर सभी प्लेयर्स नकली निकले.

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इसके बाद तुरंत पाकिस्तान की इस फर्जी टीम को जापान से रवाना कर दिया गया. खुद को फुटबॉल खिलाड़ी बता रहे इन जालसाजों के पास से विदेश मंत्रालय से मिलने वाली फर्जी एनओसी भी पाई गई. इस मामले में कुल 22 संदिग्ध पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है.

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फर्जी फुटबॉल टीम का भंडाफोड़

दरअसल, पाकिस्तान की जांच एजेंसी FIA ने ही इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. जांच में पाया गया कि अपराधी अवैध रूप से जापान में प्रवेश करने की फिराक में थे और वह खुद को पाकिस्तान की फुटबॉल टीम का हिस्सा बता रहे थे. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन शातिर अपराधियों ने खुद को पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन से जुड़ा हुआ बताया और उनके पास से विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए जाने वाली फर्जी अनओसी भी बरामद की गई.

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जापान पहुंचने पर इन अपराधियों पर इमीग्रेशन के अधिकारियों को शक हुआ और जब पूछताछ की गई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. फर्जी दस्तावेजों के साथ जापान पहुंचे इन सभी लोगों को पाकिस्तान की फ्लाइट में बैठाकर रवाना कर दिया गया है. हालांकि, यह बात सामने नहीं आई है कि यह लोग कैसे बिना जांच के पाकिस्तान से जापान जाने वाली फ्लाइट में सवार हो गए.

फर्जी क्लब में जारी था ट्रायल

जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस पूरे षड्यंत्र का सरगना सियालकोट के पसरूर में रहने वाला मलिक वकास है. वकास एक फर्जी फुटबॉल क्लब भी चला रहे थे, जिसका नाम गोल्डन फुटबॉल ट्रायल नाम रखा गया था. क्लब के नाम पर यात्रा करने के लिए हर व्यक्ति से लगभग 40 से 45 लाख रुपये तक लिए गए थे. 15 सितबंर को वकास को एफाईए के कम्पोजिट सर्कल से गिरफ्तार किया गया. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वकास के खिलाफ काफी मामले दर्ज हैं.

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