लक्ष्य सेन ने फिर लहराया तिरंगा, दूसरी बार हाइलो ओपन की ट्रॉफी पर जमाया कब्जा
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर देश का मान बढ़ाया बै. उन्होंने हाइलो ओपन के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को हराकर इतिहास रच दिया है.
Lakshya Sen Hylo Open 2026: भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने आखिरकार इस सीजन अपनी पहली बड़ी खिताबी सफलता हासिल कर ली है. वर्ल्ड रैंकिंग में 14वें स्थान पर मौजूद लक्ष्य ने हाइलो ओपन के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेम में मात दी. रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में उन्होंने क्रिस्टी को 21-17, 21-10 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की. यह लक्ष्य के करियर का सातवां खिताब है. इसके साथ ही वह दो बार हाइलो ओपन जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बन गए हैं.
विज्ञापन
फाइनल में लक्ष्य ने दिखाया दमदार खेल
लक्ष्य सेन के लिए यह जीत कई मायनों में अहम रही. पूरे सीजन उन्हें लगातार अच्छे नतीजे हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा था. ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचने के बावजूद उन्हें कई टूर्नामेंट में शुरुआती दौर में ही बाहर होना पड़ा. ऐसे में हाइलो ओपन का खिताब उनके लिए बड़ी उपलब्धि के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने वाला भी साबित हुआ.
विज्ञापन
LAKSHYA SEN WINS THE HYLO OPEN TITLE BY DEFEATING WORLD NO.6 IN FINALS! 🥇
फाइनल के पहले गेम में लक्ष्य ने आक्रामक शुरुआत की और एक समय 18-10 की मजबूत बढ़त बना ली थी. हालांकि, इसके बाद भारतीय खिलाड़ी की लय कुछ देर के लिए बिगड़ी और दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी ने लगातार अंक जुटाकर अंतर कम कर दिया. स्कोर 17-18 होने के बाद मुकाबला रोमांचक हो गया, लेकिन लक्ष्य ने दबाव में धैर्य बनाए रखा और पहला गेम 21-17 से जीत लिया.
दूसरे गेम में लक्ष्य ने कोई गलती नहीं की. उन्होंने शुरुआत से ही क्रिस्टी पर दबाव बनाए रखा. उनके तेज स्मैश, शानदार नेट प्ले और सटीक शॉट्स के सामने इंडोनेशियाई खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं मिला. लक्ष्य ने यह गेम 21-10 से अपने नाम कर मुकाबला जीत लिया.
विज्ञापन
दूसरी बार जीता हाइलो ओपन का खिताब
लक्ष्य सेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. इससे पहले भी वह 2021 में हाइलो ओपन की ट्रॉफी जीत चुके हैं. इस बार खिताब हासिल करने के साथ उन्होंने टूर्नामेंट में अपनी दूसरी जीत दर्ज की और ऐसा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए.
लक्ष्य ने अपना पिछला खिताब पिछले सीजन ऑस्ट्रेलियन ओपन में जीता था. इसके बाद से वह किसी टूर्नामेंट में चैंपियन नहीं बन पाए थे. अब हाइलो ओपन की जीत ने उनके लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है. खास बात यह है कि इससे पहले पीवी सिंधु ने भी हाइलो ओपन का खिताब जीतकर भारतीय बैडमिंटन के लिए सफलता हासिल की थी.