Digvesh Rathi Notebook Celebration: लखनऊ सुपर जायंट्स के मिस्ट्री स्पिनर दिग्वेश राठी इस सीजन कमाल कर रहे हैं, जहां उनके ‘नोटबुक सेलिब्रेशन’ ने धूम मचा दी है। हालांकि उन्हें इसकी वजह से बीसीसीआई से दो बार सजा भी मिल चुकी है। लेकिन इसके बाद भी उन्हें अपनी टीम से फुल सपोर्ट मिला है, जिसकी वजह उनकी शानदार गेंदबाजी है। उन्होंने अब अपने इस सेलिब्रेशन पर खुलकर बात की है।
एक इंटरव्यू में दिग्वेश ने कहा, ‘मैं विकेट लेने के बाद नोटबुक सेलिब्रेशन के चलते चर्चा में आया था। दरअसल, प्रियांश और मैं बहुत अच्छे दोस्त हैं। मैच से पहले हमारे बीच समझौता हुआ था, जिसके तहत अगर मैं उसे जल्दी आउट कर सका, तो मैं वह जश्न मनाऊंगा और अगर प्रियांश बड़े शॉट खेलकर रन बना पाया तो वह नोटबुक सेलिब्रेशन करेगा।’
किसी का अपमान नहीं करना चाहता- दिग्वेश
उन्होंने आगे कहा कि वह यह सेलिब्रेशन करके किसी का अपमान नहीं करना चाहते थे। बीसीसीआई द्वारा दो बार दंडित किए जाने पर राठी ने कहा, ‘हम बीसीसीआई के नियमों के खिलाफ नहीं जा सकते। इसलिए बाद में मैंने मैदान पर ही लिखना शुरू कर दिया।’ इस इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि बल्लेबाज को आउट करने के बाद वह ‘नोटबुक’ में क्या लिखते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि वह इसे गुप्त रखना चाहेंगे।
मैं कुछ भी नया नहीं करना चाहता- राठी
25 साल के इस स्पिनर ने कहा, ‘मेरा एकमात्र लक्ष्य टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करना है। मैं कप्तान ऋषभ पंत और मेंटॉर जहीर खान सर द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को पूरा करने की कोशिश करता हूं। नतीजे चाहे जो भी हो, मैं कुछ भी नया करने की कोशिश नहीं करता। मैं बस अपना काम ठीक से करना चाहता हूं। जब मैं कैंप में शामिल हुआ तो पंत भाई और जहीर सर ने मुझसे कहा कि मुझे पहले मैच से ही खिलाया जाएगा। उन्होंने मुझे अपने तरीके से गेंदबाजी करने की सलाह दी, जिसका फायदा हुआ।’