Toss Role in Chinnaswamy Cricket Stadium: आईपीएल 2024 का 68वां मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु खेला जाएगा। यह मैच चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं है, क्योंकि इस मैच में क्वालीफायर टीम का फैसला हो जाएगा। इस मैच में टॉस भी अहम रोल अदा करने वाला है। अगर आरसीबी टॉस जीतती है, तो वह यकीनन चेज कर सकती है। लेकिन क्या इससे बेंगलुरु को नुकसान होगा, चलिए जानते हैं इस मैदान पर चेज करना आसान है या डिफेंड करना।
चेज करने वाली टीम जीती है 50 मुकाबले
चेन्नई के खिलाफ अगर बेंगलुरु चेज करता है, तो आरसीबी के लिए 18.1 ओवर में 180 का लक्ष्य हासिल कर चेन्नई से नेट रन रेट में आगे निकलकर क्वालीफाई आसान रहेगा। लेकिन अगर बेंगलुरु डिफेंड करता है, तो 18 रन से जीत दर्ज करना इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि बेंगलुरु की स्ट्रेंथ बल्लेबाजी में है। यही कारण है कि बेंगलुरु अगर टॉस जीतता है, तो वह पहले गेंदबाजी कर सकता है। लेकिन क्या आपको पता है कि इस मैदान पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम अधिक जीतती है, या फिर पहले गेंदबाजी करने वाली टीम। बता दें कि इस मैदान पर आईपीएल के कुल 94 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 40 मुकाबले पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है, जबकि 50 मुकाबले चेज करने वाली टीम जीती है।
डिफेंड करने वाली टीम का जीत प्रतिशत 42.55
चिन्नास्वामी के मैदान पर 42.55 फीसदी पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है, जबकि 53.19 फीसदी बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। इससे साफ है कि इस मैदान का इतिहास भी यही कहता है कि टॉस जीतकर चेज करने का फैसला सही है। ऐसे में अगर बेंगलुरु टॉस जीतता है, तो जरूर पहले चेज करना चाहेगा। दूसरी ओर चेन्नई भी अगर टॉस अपने नाम करता है, तो पहले गेंदबाजी ही करना चाहेगा। इस मैदान पर सबसे बड़ा लक्ष्य 186 का हासिल किया गया है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अगर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 200 रन बना देती है, तो यह मुश्किल लक्ष्य माना जाएगा।