India vs England Ranchi Test Pitch Report : टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच सीरीज का चौथा टेस्ट मैच 23 फरवरी से रांची में खेला जाएगा। दोनों टीमों के कप्तानों की नजर रांची टेस्ट में विजय प्राप्त करने पर होगी। जहां कप्तान रोहित शर्मा सीरीज में अजेय बढ़त लेगे के इरादे से आएंगे तो वहीं मेहमान टीम के कप्तान सीरीज में खुद को बरकरार करने के लिए लड़ते हुए दिखाई देंगे। पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि रांची की पिच किसका साथ देती हुई नजर आएगी। क्या यहां पर तेज गेंदबाज सफल रहेंगे या फिर स्पिन गेंदबाज अपना जलवा बिखेरते हुए दिखाई देंगे। या फिर पिच बल्लेबाजों को मदद करती हुई नजर आएंगे। चलिए आपको बताते हैं। क्या है रांची की पिच का राज।
रांची में पांच साल बाद कोई टेस्ट मैच का खेला जाएगा। जब दोनों ही कप्तानों ने पिच का मुआयना तब पिच पर काफी दरारें देखने को मिली थी। इसके अलावा पिच काफी सुखी हुई भी दिखाई दी। जिसके बाद यह समझा जा सकता है कि यह पिच स्पिन बॉलर्स की मददगार होगी। वहीं पिच देखने के बाद यह भी देखा गया है कि पहले दिन ही अगर पिच पर इतनी दरारें हैं तो दूसरे दिन तक जाते-जाते यह दरारे बढ़ने लगेगी और स्पिनरों को पिच से अधिक मदद मिलती हुई नजर आएगी। स्पिनर्स के अलावा इस पिच पर तेज गेंदबाजों को भी मदद मिल सकती है। पिच सूखी है और साथ में दरारें हैं। उसे देखने के बाद यह साफ है कि तेज गेंदबाज अगर बॉलिंग में मिश्रण करते हैं तो यकीनन उन्हें पिच से कुछ न कुछ फायदा जरूर मिलेगा।
रांची में टॉस जीतना काफी अहम साबित होगा और यकीनन टॉस जीतने वाले कप्तान इस पिच पर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करेंगे। जिसके पीछे का मुख्य कारण इस पिच पर अधिक दरारें हैं। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता जाएगा। वैसे-वैसे ही पिच पर दरारें और बड़ी होती जाएंगी। जिसके बाद चौथी पारी में यहां बड़ा टारगेट चेज करना काफी मुश्किल होगा। हालांकि रांची में अभी तक सिर्फ दो मुकाबले खेले गए हैं। जिसमें से एक ड्रॉ हुआ है तो एक भारत ने जीता था।
2019 में खेला गया था आखिरी मैच
रांची में आखिरी बार कोई टेस्ट मैच 2019 में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया था। उस समय भारत पहले बल्लेबाजी करते हुए रोहित शर्मा के दोहरे शतक की मदद से 497 रन पर पारी घोषित कर दी थी। मगर जब साउथ अफ्रीका इस पिच पर बल्लेबाजी करने आई तब वह पहली पारी में 162 और दूसरी पारी में 133 रन पर ही ढेर हो गई थी। बता दें उस मैच में 14 विकेट तेज गेंदबाजों के नाम रहे थे। जबकि 14 विकेट ही स्पिनरों के खातों में गए थे।