Harshit Rana Concussion Controversy: टीम इंडिया ने पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में चौथे टी-20 मैच में 15 रनों से जीत दर्ज करके पांच मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली। इस मैच में शिवम दुबे की जगह हर्षित राणा को कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर शामिल किए जाने से विवाद बढ़ गया है। इस मामले पर अब भारतीय क्रिकेट टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल का बयान सामने आया है।
उन्होंने खुलासा किया है उस समय हर्षित खाना खा रहे थे और तभी उन्हें बताया गया कि उन्हें मैच खेलने के लिए मैदान पर जाना होगा। मैच में शिवम दुबे भारत की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे। उन्होंने मुश्किल समय में टीम के लिए शानदार फिफ्टी जड़कर टीम को बड़ा स्कोर बनाने में मदद की। लेकिन उनकी इस पारी के दौरान उन्हें इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेमी ओवर्टन की एक गेंद हेलमेट पर लगी। इस पर मोर्केल ने दावा किया कि दुबे में सिरदर्द के लक्षण दिख रहे थे। इसलिए उन्हें सब्स्टीट्यूट करने का फैसला लिया गया, जिसके बाद हर्षित ने मेन इन ब्लू के लिए अपना टी-20 डेब्यू किया।
मैच रेफरी को आखिरी फैसला लेना था- मोर्केल
मोर्केल ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा, ‘शिवम पारी के ब्रेक में हल्के सिरदर्द के लक्षणों के साथ मैदान से बाहर चले गए। हमने उनके सब्स्टीट्यूट के लिए मैच रेफरी के पास हर्षित का नाम भेजा और वहां से मैच रेफरी को आखिरी फैसला लेना था। जब फैसला लिया गया, तब हर्षित खाना खा रहा था। इसलिए हमें उसे मैदान पर जाने और गेंदबाजी करने के लिए जल्द से जल्द तैयार करना था।’
भारत की जीत में अहम रहा हर्षित का योगदान
बता दें कि हर्षित ने इससे पहले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में डेब्यू किया था। लेकिन खेल के सबसे छोटे फॉर्मेट में देश के लिए यह उनका पहला मैच था। मैच में उन्होंने तुरंत ही अपना असर डाला और लियाम लिविंगस्टोन को आउट करके टीम को बड़ा विकेट दिलाया। हर्षित ने अपने स्पेल में 3 विकेट चटकाए, जिससे भारत ने 15 रन से जीत दर्ज की और सीरीज अपने नाम कर ली।