Border-Gavaskar Trophy: न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 0-3 से मिली हार के बाद पहले से ही परेशान टीम इंडिया बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट मैच में कप्तान रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी से निपटने के लिए संघर्ष कर रही है। रोहित व्यक्तिगत कारणों से 22 नवंबर से शुरू होने वाले पर्थ टेस्ट को मिस कर सकते हैं, जिसके बाद टीम मैनेजमेंट के सामने ओपनिंग में यशस्वी जायसवाल का जोड़ीदार ढूंढ़ने की टेंशन है। अभिमन्यु ईश्वरन टीम में रिजर्व ओपनर हैं, लेकिन केएल राहुल ने विदेश में कई बार ओपनिंग की है, जिससे वो भी रोहित की जगह लेने के दावेदार हैं। हालांकि उनका ऑस्ट्रेलिया में रिकॉर्ड बेहद डराने वाला है।
राहुल ने बेशक ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट शतक बनाए हैं, लेकिन कंगारू सरजमीं पर अपना पहला टेस्ट शतक बनाने के बावजूद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में सिर्फ 20.77 की औसत से रन बनाए हैं। उनके बल्ले से इस देश में पांच मैचों में सिर्फ 187 रन निकले हैं। अगर उनके शतक को हटा दिया जाए तो उन्होंने आठ पारियों में सिर्फ 77 रन बनाए हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ एक ही टेस्ट खेले राहुल
राहुल को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया था, जहां उनकी जगह सरफराज खान ने ली थी। न्यूजीलैंड से हारने के बाद उन्हें और ध्रुव जुरेल को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए से पहले भारत ए टीम में शामिल किया गया है। यही वजह है कि दोनों खिलाड़ियों को पर्थ में सीरीज के शुरुआती मैच से पहले कुछ मैच खेलने के लिए जल्दी ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया।
ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ जल्दी आउट हुए राहुल
भारत ए मैके में ऑस्ट्रेलिया ए से पहला मैच हार चुका है। राहुल को दूसरे मैच में मौका मिला, लेकिन कुछ खास नहीं कर सके। यहां राहुल को अपनी योग्यता साबित करने का बेहतरीन मौका मिला, लेकिन वह तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड की गेंद पर मात्र 4 रन बनाकर आउट हो गए। उनके प्रदर्शन से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए भारत की बैकअप योजनाओं पर सवाल उठ रहे हैं। बोलैंड इस मैच से पहले सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि अगर उन्हें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में मौका मिला, तो उनके निशाने पर राहुल ही होंगे।