Monank Patel: कभी बुमराह-अक्षर के साथ देखा था टीम इंडिया की जर्सी पहनने का ख्वाब, अब भारत के खिलाफ T20 World Cup में करेंगे USA की कप्तानी

Monank Patel USA Cricket Team Captain: अमेरिका क्रिकेट टीम की कप्तानी भारतीय मूल के खिलाड़ी मोनांक पटेल के हाथ में सौंपी गई है. उनको 7 फरवरी को भारत के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप का मुकाबला खेलना है. आइए जानते हैं उनका यहां तक का सफर कितना मुश्किल रहा.

Monank Patel Bumrah Axar

Who Is Monank Patel: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में 7 फरवरी को भारत का पहला मैच अमेरिका से होगा. यूएसए की टीम की कप्तानी एक ऐसा खिलाड़ी कर रहा है जिसने कभी जूनियर लेवल पर टीम इंडिया के मौजूदा स्टार क्रिकेटर्स जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल के साथ क्रिकेट मैच खेला था.

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कौन हैं मोनांक पटेल?

हम बात कर रहे हैं मोनांक पटेल की जो भारत में पैदा हुए अमेरिकन क्रिकेटर हैं, और टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में यूएसए टीम की कमान उनके ही हाथ में है. वो दाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं जिन्होंने साल 2019 में इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू किया था, और अब इनके कंधों पर यूएस क्रिकेट को ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेदारी है.

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बुमराह-अक्षर के साथ खेला क्रिकेट

मोनांक पुराने दिनों को याद करते हैं, उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘हां, मेरे पास अक्षर(पटेल) और जसप्रीत (बुमराह) के साथ खेलने की शानदार यादें हैं. मैंने अपना पहला साल गुजरात अंडर-19 टीम के साथ जसप्रीत के साथ खेला और इसके पहले मैंने अंडर-16s अक्षर के साथ खेला. हम (बुमराह और मैं) 2 अच्छे सालों, 2 सीजन के लिए साथ थे, गुजरात टीम के लिए बहुत सारे मैच खेले.’

बुमराह तब भी बेहतरीन थे

मोनांक ने आगे कहा, ‘हमने रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल क्रिकेट दोनों खेली, और वो वाकई में बहुत खास लम्हे थे. ये मेरी क्रिकेट जर्नी का का शुरुआती दौर था और उन दिनों भी, जिस तरह हम खेल रहे थे, खासकर जिस तरह जसप्रीत परफॉर्म कर रहे थे, हमें पता था कि उसमें वो एक्स-फैक्टर हैं और वो जाहिर तौर से कुछ बड़ा करने वाला है.’

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जब अमेरिका में बसने का किया फैसला

हालांकि मोनांक के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट की राह आसान नहीं थी क्योंकि उन्होंने असल में क्रिकेट छोड़ने का विचार किया था जब उन्होंने 2013 में हमेशा के लिए अमेरिका जाने का फैसला किया था, जबकि उन्होंने 2010 में अपना ग्रीन कार्ड पहले ही हासिल कर लिया था. उन्होंने कहा, ‘तो, मेरे पास 2010 से ग्रीन कार्ड है और मैंने 2013 के बाद ये तय किया कि मैं अमेरिका जाना चाहता हूं. मेरा परिवार पहले ही वहां बसने की प्लान बना रहा था. मैंने वहां एक महीने या उससे ज्यादा वक्त तक रहकर देखा, और फिर भारत लौट आया और गुजरात के लिए रणजी ट्रॉफी में खेलने का खुद को आखिरी मौका देने के बाद, जब मुझे वो चांस नहीं मिला, तो मैंने परमानेंटली अमेरिका जाकर बसने का फैसला लिया.’

बिजनेस में भी आजमाया हाथ

मोनांक ने रेस्टोरेंट बिजनेस की तरफ रुख किया, लेकिन उनकी पसंदीदा चीज हमेशा क्रिकेट ही रही. उन्होंने कहा, ‘जब मैं अमेरिका चला गया, मेरा विजन और टारगेट सिर्फ क्रिकेट खेलना नहीं था. मैं अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहता था.’ लेकिन अमेरिका में क्रिकेट टॉप 10 खेलों में भी शामिल नहीं है.

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यूएस क्रिकेट को आगे बढ़ाने का मौका

मोनांक अपनी कामयाबी के परिवार को क्रेडिट देते हैं, उनका मानना है कि अगर फैमिली ने साथ नहीं दिया होता, तो वो आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते. अब उनके कंधों पर यूएस क्रिकेट को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है, देखना होगा कि आने वाले वक्त में वो क्या कमाल कर पाते हैं.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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