What is Retired OUT: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने जा रहा है. इससे पहले हर टीम अपने वॉर्मअप मैच खेल रही है. वॉर्मअप मैचों के दौरान एक चीज काफी देखने को मिल रही है. दरअसल, बल्लेबाज बिना आउट हुए ही पवेलियन लौट जा रहे हैं और फिर बैटिंग करने भी नहीं उतर रहे हैं.
नियमों के हिसाब से उनके नाम के आगे रिटायर्ड आउट लिखा जा रहा है. आखिर क्या होता है रिटायर्ड आउट और किसके कहने पर बैटर को लौटना पड़ता है पवेलियन? आइए आपको समझाते हैं.
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क्या होता है रिटायर्ड आउट?
क्रिकेट के मैदान पर रिटायर्ड हर्ट तो आपने खुद सुना होगा और देखा भी होगा. एक बल्लेबाज चोटिल होने के बाद अगर बैटिंग नहीं कर पाता है और ड्रेसिंग रूम लौट जाता है, तो उसे रिटायर्ड हर्ट घोषित किया जाता है. मगर रिटायर्ड आउट इससे काफी अलग है. नियमों के हिसाब से बैटिंग करने वाली टीम का कप्तान मैदान पर खेल रहे बैटर को किसी भी समय वापस बुला सकता है.
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इसका कारण बैटर का स्लो स्ट्राइक रेट या फिर टीम की कोई भी रणनीति हो सकती है. मगर ध्यान देने वाली चीज यह है कि जब कैप्टन के कॉल पर बल्लेबाज एक बार मैदान छोड़ देता है, तो वो फिर से बैटिंग करने नहीं उतर सकता है. इसी कारण बैटर के नाम के आगे रिटायर्ड आउट लिख दिया जाता है.
रिटायर्ड हर्ट और रिटायर्ड आउट में क्या है अंतर?
रिटायर्ड हर्ट और रिटायर्ड आउट में फर्क सिर्फ इतना सा है कि रिटायर्ट हर्ट होने के बाद बल्लेबाज थोड़े समय बाद फिर से बल्लेबाजी करने के लिए ग्राउंड पर उतर सकता है. बैटर को लगी चोट में आराम होने के बाद उसे बैटिंग करने की परमिशन दे दी जाती है. मगर रिटायर्ड आउट में अगर बैटर एक बार मैदान से बाहर गया, तो वो फिर बल्लेबाजी करने नहीं आ सकता है.