ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने अपने क्रिकेट करियर से जुड़ा एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने उनके संघर्ष की कहानी को सामने ला दिया है. मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से कई बार टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने वाले ख्वाजा लंबे समय तक एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझते रहे. उन्हें अर्थराइटिस की बीमारी थी, जिसके कारण उनके बाएं घुटने में असहनीय दर्द रहता था. हालत ऐसी हो गई थी कि उन्हें अपने जीवन के साथ-साथ क्रिकेट करियर को लेकर भी डर सताने लगा था. ख्वाजा ने इसी साल जनवरी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था. अब उन्होंने अपने संघर्ष के उन दिनों के बारे में बताया है, जब उनके लिए रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो गया था.
22 साल की उम्र में पता चली बीमारी
उस्मान ख्वाजा ने बताया कि जब वह महज 22 साल के थे, तभी उन्हें अर्थराइटिस की समस्या का पता चला. उस समय वह पेशेवर क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए मेहनत कर रहे थे. करियर की शुरुआत में ही इस बीमारी ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी थीं. घुटने में लगातार दर्द के कारण उन्हें चलने-फिरने में भी परेशानी होने लगी थी. ऐसे हालात में उनके मन में यह डर बैठ गया था कि कहीं वह अपना क्रिकेट करियर शुरू होने से पहले ही खत्म न कर दें.
ख्वाजा ने ‘ऑस्ट्रेलियन स्टोरी’ कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बीमारी के कारण उनकी जिंदगी किस तरह प्रभावित हुई थी. उन्होंने कहा, “मुझे सच में लगता था कि मैं मर जाऊंगा. मैं पेशेवर क्रिकेट खेलने वाला खिलाड़ी था, लेकिन हालत ऐसी हो गई थी कि 10 मीटर दूर बाथरूम तक जाना भी मुश्किल लगता था.”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर अर्थराइटिस से जूझने के बावजूद कोई खिलाड़ी लंबे समय तक पेशेवर क्रिकेट खेल सकता है, तो इससे दूसरे लोगों को भी अपनी मुश्किलों से लड़ने की प्रेरणा मिल सकती है.
डेविड वॉर्नर और माइकल हसी को भी नहीं थी जानकारी
ख्वाजा ने बताया कि उन्होंने अपनी बीमारी के बारे में कई लोगों को जानकारी दी थी, लेकिन टीम के साथियों से इस बात को छिपाकर रखा. उनके बचपन के दोस्त और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर को भी उनकी इस परेशानी के बारे में पता नहीं था. यही नहीं, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज माइकल हसी भी उनकी बीमारी से अनजान थे.
ख्वाजा नहीं चाहते थे कि बीमारी के कारण टीम में उनके साथ अलग तरह का व्यवहार किया जाए या उन्हें किसी तरह की विशेष सुविधा मिले. इसलिए उन्होंने अपने साथियों को इसकी जानकारी नहीं दी और खेल पर ध्यान केंद्रित रखा.