Sachin Tendulkar: सचिन तेंदुलकर को यू ही क्रिकेट का भगवान नहीं कहा जाता, क्योंकि जो काम बड़े-बड़े दिग्गज क्रिकेटर भी नहीं कर पाए उन्हें सचिन ने करके दिखाया है। सचिन ने अपने करियर में ऐसे कई मुकाम हासिल किए हैं जो उन्हें सबसे खास बनाते हैं। सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट इतिहास में वैसे तो हर दिन वह कोई न कोई जलवा दिखाते रहे हैं। लेकिन आज के दिन सचिन ने एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने विश्वकप में अपना जलवा दिखाया था।
सचिन ने विश्वकप में बनाया था शतक
2011 का वनडे विश्वकप जीतना टीम इंडिया की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस विश्वकप की जीत में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने भी अपना अहम योगदान दिया था। क्योंकि 2011 का विश्वकप जीतना सचिन के सपने का पूरा होना था। आज ही दिन के सचिन ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में शानदार शतक जमाया था। इस शतक के साथ ही सचिन वनडे विश्वकप में उस वक्त 5 शतक लगाने वाले विश्व के पहले खिलाड़ी बने थे। सचिन ने इस मैच में 115 गेंदों में 10 चौके और 5 छक्के लगाते हुए 120 रनों की पारी खेली। हालांकि भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ यह मुकाबला ड्रॉ हो गया था।
सचिन ने विश्वकप में लगाए हैं 6 शतक
सचिन तेंदुलकर वनडे विश्वकप के सबसे सफल बल्लेबाज माने जाते हैं। उनके नाम वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। सचिन ने 1992 से लेकर 2011 तक लगातार 6 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। 2011 उनका आखिरी विश्वकप था। सचिन ने वनडे विश्वकप में सबसे ज्यादा 6 शतक लगाए हैं, इसके अलावा उन्होंने 15 अर्धशतक भी लगाए हैं। उन्होंने विश्वकप में 45 मैच खेले, जिनकी 44 पारियों में 56.95 की जबरदस्त औसत से 2278 रन बनाए हैं। वर्ल्ड कप में सचिन की सर्वश्रेष्ठ पारी 152 रनों की है।
2003 सबसे सफल विश्वकप
2003 में दक्षिण अफ्रीका में हुआ वनडे विश्वकप सचिन का सबसे सफल विश्वकप रहा है। सचिन को इस विश्वकप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब भी दिया गया था। जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ खेली 91 रनों की पारी उनके क्रिकेट की यादगार पारियों में शामिल रही है। इस विश्वकप में टीम इंडिया ने फाइनल तक का सफर तय किया था। इसके अलावा सचिन ने अपने विश्वकप करियर में 9 बार मैन ऑफ द मैच का खिताब भी जीता है।
2011 में सचिन का सपना हुआ था पूरा
क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के नाम तमाम रिकॉर्ड दर्ज थे। लेकिन एक मलाल उन्हें भी रहता था कि वह अपने करियर में कभी विश्वकप की ट्रॉफी नहीं उठा पाए थे। ऐसे में सचिन का यह सपना 2011 में पूरा हुआ था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 1983 के बाद 2011 में श्रीलंका को हराकर वनडे विश्वकप जीता था। इस जीत के साथ ही सचिन का सपना पूरा हुआ था।
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