Muttiah Muralitharan Names the Toughest Indian Batsman: श्रीलंकाई पूर्व स्पिनर मुथैया मुरलीधरन किसी परिचय के मोहताज नहीं है। इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट चटकाने वाले वह पहले गेंदबाज हैं। क्रिकेट के मैदान में जब वह सक्रिय थे तब विपक्षी बल्लेबाजों को उन्हें खेलना लोहे के चने चबाना जैसा साबित होता था। हालांकि, मुरलीधरन को भी एक बल्लेबाज से डर लगता था। वह सचिन तेंदुलकर या सौरव गांगुली नहीं बल्कि विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग थे। श्रीलंकाई दिग्गज ने विस्फोटक बल्लेबाज की जमकर सराहना की है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि सहवाग भी मुरलीधरन की गेंदबाजी के कायल थे। उन्होंने कई मौकों पर उनकी सराहना की है। ब्रेकफास्ट विद चैंपियन में उन्होंने बात करते हुए कहा था कि उन्हें शोएब अख्तर और ब्रेट ली जैसे गेंदबाजों से डर नहीं लगता था, लेकिन जब वह गेंदबाजी करते थे तब उनके अंदर हमेशा आउट होने का भय बना रहता था।
दिग्गज स्पिनर ने यह भी खुलासा किया है कि ‘दूसरा’ गेंदबाजी करना उन्हें किसने सिखाया। एसबी कॉलेज के छात्रों के सामने बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि, ‘वह सक्लेन मुश्ताक थे जिन्होंने मुझे ‘दूसरा’ गेंदबाजी करना सिखाया।
मुरलीधरन के मुताबिक ‘दूसरा’ एक काफी चुनौतीपूर्ण गेंदबाजी प्रकिया है। इसमें पूरी तरह से मुझे महारथ हासिल करने में करीब तीन साल लग गए थे।
मुरलीधरन का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर:
मुथैया मुरलीधरन श्रीलंका के लिए इंटरनेशनल लेवल पर 1992 से 2011 के बीच कुल 495 मैच खेलने में कामयाब रहे। इस बीच वह 583 पारियों में 22.86 की औसत से 1347 विकेट चटकाने में कामयाब रहे। इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम 77 बार पांच और 22 बार 10 विकेट लेने का कारनामा है।