विराट कोहली और शुमभन गिल की तुलना नहीं! भारतीय मूल के इस दिग्गज ने बता दिया दोनों क्रिकेटर्स के बीच का फर्क

Shubman Gill And Virat Kohli: शुभमन गिल को टीम इंडिया के साथ हर फॉर्मेट की जिम्मेदारी सौंपने को लेकर इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मोंटी पनेसर ने अहम बात कही है. साथ ही विराट कोहली और उनके बीच के अंतर को बताया है.

Virat Kohli Shubman Gill

Monty Panesar On Shubman Gill: इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर का मानना ​​है कि शुभमन गिल क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी नहीं कर सकते. एएनआई से बात करते हुए पनेसर ने कहा कि गिल विराट कोहली की आक्रामकता की बराबरी नहीं कर सकते. इसके अलावा उन्होंने अपने बयानों के जरिए समझाने की कोशिश की कि विराट कोहली और गिल की तुलना नहीं है.

विज्ञापन

विराट और गिल के बीच का अंतर

मोंटी पनेसर ने गिल के बारे में कहा, ‘वो एक संतुष्ट क्रिकेटर हैं. उनमें बहुत टैलेंट है, लेकिन वो खेल में लेजी शॉट खेलने लगते हैं. विराट कोहली की इंटेंसिटी और अग्रेशन सभी फॉर्मेट में साफ दिखता है. शुभमन गिल ऐसा नहीं कर सकते. ये उनके लिए बहुत ज्यादा है. वो सभी फॉर्मेट के कप्तान नहीं बन सकते. ये उनके लिए टू मच है. व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में, आपको विराट कोहली की कमी ज्यादा महसूस नहीं होगी. लेकिन हां, टेस्ट क्रिकेट में, ये साफ है कि विराट कोहली नहीं हैं, और टीम की इंटेंसिटी कम है.’

विज्ञापन

जब गिल को मिली टेस्ट कैप्टेंसी

रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होने के बाद गिल को टेस्ट कप्तानी सौंपी गई थी. शुरुआत में, कई एक्सपर्ट्स ने सेलेक्टर्स के फैसले पर शक किया था. हालांकि, गिल ने इंग्लैंड में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में आगे बढ़कर टीम की अगुवाई करके एक मजबूत जवाब दिया, और सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने. उनकी कप्तानी में, भारत ने अच्छी वापसी करते हुए सीरीज़ 2-2 से बराबर की.

विज्ञापन

टी-20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलेंगे गिल

फिर रोहित शर्मा के बाद शुभमन गिल को वनडे कप्तानी भी दी गई और वो वाइस-कैप्टन के तौर पर टी-20 इंटरनेशनल सेटअप में वापस आए. हालांकि, सबसे छोटे फॉर्मेट में उनकी वापसी बैटिंग परफॉर्मेंस के मामले में अच्छी नहीं रही और, बदकिस्मती से, वो 2026 के टी20 वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे.

टेस्ट में कब होगा टीम इंडिया का कमबेक?

विज्ञापन

पनेसर का मानना ​​है कि भारत को टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने में वक्त लगेगा, खासकर एक साल के अंदर घर पर 2 बार व्हाइटवॉश होने के बाद, और उन्होंने अपने इस बात के पीछे के कारण बताए. उन्होंने आगे कहा, “भारतीय खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार नहीं हैं. भारत में जो खिलाड़ी टी20 और वनडे में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, वो टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते. रणजी ट्रॉफी और भारत की टेस्ट टीम के बीच बहुत बड़ा अंतर है. रणजी ट्रॉफी का सिस्टम भी बहुत कमजोर है. लड़के सिर्फ आईपीएल में खेलना चाहते हैं. वो बड़ा कॉन्ट्रैक्ट पाना चाहते हैं. वो टी-20 इंटरनेशनल और वनडे में खेलना चाहते हैं. 4-दिन के क्रिकेट में बहुत ज्यादा मेहनत लगती है. इसीलिए वो कम वक्त देना चाहते हैं. वो टी-20 क्रिकेट में ज़्यादा पैसे कमाते हैं. वो टेस्ट क्रिकेट में कम पैसे कमाते हैं. लेकिन सच्चाई ये है कि रणजी ट्रॉफी का घरेलू क्रिकेट बहुत कमज़ोर है. भारत को टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने में कुछ टाइम लगेगा.”

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ