Manchester United Owners Bid To Buy RCB: जब से आरसीबी ने साल 2025 की आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की है, उनकी ओनरशिप को लेकर दुनियाभर के बिजनेस टायकून की दिलचस्पी बढ़ी.डियाजियो कंपनी ने नवंबर में आरीसीबी को सेल पर लगा दिया. रिपोर्ट्स का दावा है कि अभी तक बोलियां लगाई गई हैं, जिसमें स्टेट ऑफ प्ले ने मैनचेस्टर यूनाइटेड के को-ओनर एवराम ग्लेजर को उनके इंवेस्टमेंट व्हीकल, लैंसर कैपिटल के जरिए बोली लगाने वालों में से एक बताया है. अन्य जाने-माने नामों में भारतीय फार्मा टाइकून अदार पूनावाला का नाम भी शामिल है. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ग्लेजर की बोली 1.8 बिलियन डॉलर है.
कौन हैं अवरम ग्लेजर?
अमेरिकी अरबपति मैल्कम ग्लेजर के बेटे अवरम ग्लेजर मैनचेस्टर यूनाइटेड में एग्जीक्यूटिव को-चेयरमैन और डायरेक्टर हैं. वो रेड फुटबॉल लिमिटेड के बोर्ड में हैं और मैनचेस्टर यूनाइटेड लिमिटेड के को-चेयरमैन भी हैं. ग्लेजर इनोवेट कॉर्प के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन भी हैं. अपने करियर की शुरुआत में, उन्होंने जपाटा कॉर्पोरेशन में एक दशक से ज्यादा वक्त बिताया, पहले प्रेसिडेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर और बाद में चेयरमैन के तौर पर. उन्होंने सेंट लुइस में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से बिजनेस की पढ़ाई पूरी की और बाद में अमेरिकन यूनिवर्सिटी के वाशिंगटन कॉलेज ऑफ लॉ से लॉ की डिग्री हासिल की.
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क्रिकेट में दिलचस्पी
मैनचेस्टर यूनाइटेड और टैम्पा बे बकेनियर्स में अपनी ओनरशिप रोल के लिए जाने जाने वाले अवरम ग्लेजर चुपचाप क्रिकेट में भी अपनी मौजूदगी बना रहे हैं. मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वो लैंसर कैपिटल के जरिए यूएई के ILT20 कॉम्पिटिशन में डेजर्ट वाइपर्स को कंट्रोल करते हैं और कई सालों से भारत में मौकों पर नजर रखे हुए हैं.
पिछली बार चूक गए थे
साल 2021 में आईपीएल एक्सपेंशन फ्रेंचाइजी, जो लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस को मिलीं, उन्हें हासिल करने से चूकने के बावजूद, ग्लेजर ने अपनी कोशिशें फिर से शुरू कर दी हैं और समझा जाता है कि वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ-साथ राजस्थान रॉयल्स के लिए भी बोली लगा रहे हैं. फोर्ब्स के मुताबिक अवरम ग्लेजर और उनके पांच भाई-बहनों ने 2023 में मैनचेस्टर यूनाइटेड में अपनी कंट्रोलिंग हिस्सेदारी का 25% हिस्सा ब्रिटिश केमिकल्स टाइकून सर जिम रैटक्लिफ को बेचने पर सहमति जताई थी.
इस ट्रांजैक्शन से प्रीमियर लीग क्लब का वैल्यूएशन कर्ज के बाद तकरीबन 5.4 बिलियन डॉलर हो गया. यूनाइटेड को मूल रूप से ग्लेजर परिवार के मुखिया, शॉपिंग-सेंटर मैग्नेट मैल्कम ग्लेजर ने 2005 में 1.4 बिलियन डॉलर में खरीदा था. फोर्ब्स के मुताबिक, परिवार अभी भी एनएफएल के टैम्पा बे बकेनियर्स का मालिक है, ये फ्रेंचाइजी 1995 में 192 मिलियन डॉलर में खरीदी गई थी और अब कर्ज के बाद इसकी कीमत तकरीबन 5.2 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है.