इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन एक बार फिर क्रिकेट के मैदान पर नए रोल में नजर आने वाले हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उनका खेल के प्रति जुनून कम नहीं हुआ है. अब 44 साल की उम्र में एंडरसन ने अपने करियर के लिए एक नया रास्ता चुना है. वह इटली में होने वाली T10 लीग में खेलेंगे और नेपोली नाइट्स की कप्तानी भी करेंगे. इतना ही नहीं, उन्हें इस टीम का सह-मालिक भी बनाया गया है. उनके जुड़ने से टूर्नामेंट को एक बड़ा नाम मिला है. इस प्रतियोगिता में कुल छह टीमें हिस्सा लेंगी.
लंकाशायर से अलग होने के बाद नई शुरुआत
जेम्स एंडरसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखा था. वह लंबे समय तक इंग्लिश काउंटी क्लब लंकाशायर से जुड़े रहे और इस साल टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाली. हालांकि, करीब 25 साल तक क्लब का हिस्सा रहने के बाद उनके अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाया गया. इसके बाद एंडरसन के सामने अपने क्रिकेट करियर को आगे ले जाने का नया विकल्प आया.
अब इटली की T10 लीग में उनकी भागीदारी एक अलग चुनौती होगी. टेस्ट क्रिकेट में अपनी स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ के लिए मशहूर एंडरसन को इस प्रारूप में काफी तेजी से फैसले लेने होंगे. T10 में बल्लेबाज शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं, इसलिए गेंदबाजों के लिए हर ओवर काफी अहम होता है.
इंटरनेशनल क्रिकेट में ऐसा रहा रिकॉर्ड
एंडरसन इंग्लैंड के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में तीनों प्रारूपों को मिलाकर 401 मैच खेले और कुल 991 विकेट हासिल किए. टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपलब्धियां खास तौर पर शानदार रही हैं. लंबे समय तक इंग्लैंड की गेंदबाजी की अगुआई करने वाले एंडरसन ने अपनी स्विंग गेंदबाजी से दुनिया के कई दिग्गज बल्लेबाजों को परेशान किया.
18 नवंबर से शुरू होगी इटालिया T10 लीग
इटालिया T10 लीग की शुरुआत 18 नवंबर से रोम क्रिकेट ग्राउंड पर होगी. करीब 12 दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में प्रत्येक टीम एक पारी में 10 ओवर खेलेगी. लीग की शुरुआत पूर्व पेशेवर क्रिकेटर नदीम शाहिद और नेपाल की एवरेस्ट प्रीमियर लीग की स्थापना में भूमिका निभाने वाले आमिर अख्तर ने की है.
एंडरसन के अलावा क्रिस गेल, शॉन मार्श और डेविड मलान जैसे जाने-माने क्रिकेटर भी इसमें हिस्सा लेंगे. इटली की राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों को भी इस प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलेगा. इससे स्थानीय खिलाड़ियों को अनुभवी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के साथ खेलने और अपना खेल बेहतर बनाने का अवसर मिल सकता है.