Harsh Dube 9 Wickets: रणजी ट्रॉफी में विदर्भ के बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे ने अपनी गेंदबाजी से ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है. मध्य प्रदेश के खिलाफ मुकाबले की पहली पारी में हर्ष दुबे ने अकेले 9 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया. यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है. इस शानदार उपलब्धि के साथ उन्होंने विदर्भ क्रिकेट के इतिहास में भी अपना नाम दर्ज करा लिया है. वह विदर्भ की ओर से एक पारी में 9 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं. इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में भी इससे पहले किसी गेंदबाज ने एक पारी में इतने विकेट नहीं झटके थे.
एक के बाद एक 9 बल्लेबाजों को किया आउट
मध्य प्रदेश की पहली पारी में विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू तो नचिकेता भूते ने किया, लेकिन इसके बाद पूरी पारी हर्ष दुबे के नाम रही. उन्होंने लगातार 9 बल्लेबाजों को आउट करके विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी. उनकी फिरकी के सामने मध्य प्रदेश के बल्लेबाज टिक नहीं सके.
हर्ष दुबे ने इस दौरान मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पाटीदार को भी अपना शिकार बनाया. पाटीदार केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. उनके अलावा सारांश जैन, शुभमन शर्मा और अरशद खान जैसे अहम खिलाड़ियों के विकेट भी हर्ष दुबे ने हासिल किए. उनकी इस गेंदबाजी ने मध्य प्रदेश की पारी को पूरी तरह बिखेर दिया.
पिछले मैचों में भी दिखाया था दम
हर्ष दुबे के लिए मौजूदा रणजी सीजन अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा था. हालांकि, पिछले तीन मुकाबलों में उन्होंने 14 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी. खास बात यह थी कि इतने विकेट लेने के बावजूद उनके खाते में एक भी पांच विकेट हॉल नहीं था. अब मध्य प्रदेश के खिलाफ उन्होंने एक ही पारी में 9 विकेट लेकर अपनी फॉर्म का शानदार सबूत दिया है.
लाल गेंद के क्रिकेट में हर्ष दुबे को काफी प्रभावशाली स्पिनर माना जाता है. उनकी गेंदों में टर्न और बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता है. इसके बावजूद उन्हें अभी तक भारतीय सीनियर टीम की ओर से खेलने का मौका नहीं मिला है. हालांकि, वह भारत के लिए दो वनडे मुकाबले खेल चुके हैं, जिनमें उनके नाम 4 विकेट दर्ज हैं.
गेंदबाजी के साथ बल्ले से भी हैं उपयोगी
हर्ष दुबे की खासियत सिर्फ उनकी स्पिन गेंदबाजी तक सीमित नहीं है. वह निचले क्रम में आकर बल्ले से भी टीम के लिए अहम योगदान दे सकते हैं. उनके फर्स्ट क्लास करियर में अब तक 9 अर्धशतक दर्ज हैं. यानी जरूरत पड़ने पर वह बल्लेबाजी में भी टीम को संभालने की क्षमता रखते हैं.