भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर 4 रन से जीत दर्ज की. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली. मुकाबले में भारतीय गेंदबाज गुरनूर बरार ने अपनी धारदार गेंदबाजी से सबसे ज्यादा प्रभावित किया. उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और लगातार विकेट लेकर टीम इंडिया की जीत की राह आसान कर दी. उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
गुरनूर ने अपने 10 ओवर के स्पेल में केवल 30 रन खर्च किए और चार बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. उनकी गेंदबाजी की खास बात यह रही कि उन्होंने दो मेडन ओवर भी डाले. पूरे मैच में वह भारतीय टीम के इकलौते गेंदबाज रहे, जिन्होंने अपने कोटे के सभी 10 ओवर पूरे किए.
पुरानी गेंद से गुरनूर ने बरपाया कहर
गुरनूर ने नई गेंद के बजाय पुरानी गेंद से भी शानदार नियंत्रण दिखाया. उन्होंने अपनी गेंदों में अच्छा उछाल हासिल किया, जिससे न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को रन बनाने में काफी परेशानी हुई. खासकर मिडिल ओवरों में उन्होंने लगातार दबाव बनाए रखा. उनकी गेंदबाजी के सामने कीवी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने में नाकाम रहे और एक के बाद एक विकेट गंवाते चले गए. नतीजा यह हुआ कि न्यूजीलैंड की पूरी टीम 41 ओवर में 134 रन बनाकर ऑलआउट हो गई.
मैच के बाद गुरनूर बरार से जब न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में गेंदबाजी करने के अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें यहां गेंदबाजी करके काफी अच्छा लगा. उनके मुताबिक, न्यूजीलैंड की पिचों पर मिलने वाले अतिरिक्त उछाल और तेज गति ने उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद की.
अपनी गेंदबाजी की रणनीति पर बात करते हुए गुरनूर ने बताया कि भारत में पिचें आमतौर पर सपाट होती हैं. ऐसे में गेंदबाजों को हार्ड लेंथ पर गेंद डालने पर ज्यादा ध्यान देना पड़ता है. हालांकि, न्यूजीलैंड में अतिरिक्त उछाल मिलने के कारण उन्हें अपनी ताकत के मुताबिक गेंदबाजी करने का मौका मिला
एक ही ओवर में लाथम और फिलिप्स को किया आउट
गुरनूर बरार ने न्यूजीलैंड के मिडिल ऑर्डर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया. पारी के 20वें ओवर में उन्होंने पहले टॉम लाथम को अपना शिकार बनाया. लाथम 22 गेंदों पर सिर्फ 7 रन बना सके. गुरनूर की गेंद पर नमन धीर ने उनका कैच लपका. उस समय न्यूजीलैंड का स्कोर 53 रन था और टीम चार विकेट गंवा चुकी थी.
इस ओवर में गुरनूर यहीं नहीं रुके. उन्होंने आखिरी गेंद पर ग्लेन फिलिप्स को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया. फिलिप्स चार गेंद खेलने के बावजूद अपना खाता नहीं खोल सके. अंशुल कंबोज ने उनका कैच पकड़ा. इस तरह 53 रन के स्कोर पर न्यूजीलैंड की आधी टीम आउट हो गई.