Sophie Molineux: वुमेंस प्रीमियर लीग 2027 के मिनी ऑक्शन में ऑस्ट्रेलिया की स्टार ऑलराउंडर सोफी मोलिनक्स को खरीदने के लिए यूपी वॉरियर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. दोनों टीमों ने उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए जमकर बोली लगाई, लेकिन आखिर में यूपी वॉरियर्स ने बाजी मार ली. फ्रेंचाइजी ने मोलिनक्स को 1.1 करोड़ रुपये खर्च करके अपनी टीम में शामिल किया.
1.1 करोड़ में लगी बोली
मोलिनक्स का बेस प्राइस 50 लाख रुपये था. नीलामी में उनका नाम सामने आते ही यूपी वॉरियर्स और आरसीबी के बीच बोली लगाने की होड़ शुरू हो गई. दोनों टीमों ने तेजी से कीमत बढ़ाई और कुछ ही समय में उनकी बोली 95 लाख रुपये तक पहुंच गई. आरसीबी ने उन्हें खरीदने के लिए 1.05 करोड़ रुपये तक की पेशकश की, लेकिन यूपी वॉरियर्स ने इससे आगे बढ़कर 1.1 करोड़ रुपये की बोली लगाई. इस तरह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर आगामी सीजन में यूपी की जर्सी में खेलती नजर आएंगी.
चोट के बाद वापसी, आरसीबी को बना चुकी हैं चैंपियन
साल 2024 में किया कमाल
सोफी मोलिनक्स का महिला प्रीमियर लीग में प्रदर्शन पहले भी शानदार रहा है. वह 2024 में खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम का अहम हिस्सा थीं. उस सीजन में उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया और 10 मुकाबलों में 12 विकेट अपने नाम किए थे. उनके प्रदर्शन ने टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी.
हालांकि, चोट के कारण मोलिनक्स पिछले सीजन में WPL का हिस्सा नहीं बन सकी थीं. हिप इंजरी की वजह से उन्हें मैदान से दूर रहना पड़ा. इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की. अब नई टीम के साथ उनका लक्ष्य एक बार फिर अपना प्रभाव छोड़ना होगा.
यूपी वॉरियर्स के लिए क्यों अहम हैं मोलिनक्स?
यूपी वॉरियर्स को सोफी मोलिनक्स के रूप में एक अनुभवी ऑलराउंडर मिली हैं. वह बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करती हैं और जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी तेजी से रन बना सकती हैं. ऐसे खिलाड़ी टीम को संतुलन देने के साथ मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं.
मोलिनक्स की एक और खासियत उनका नेतृत्व करने का अनुभव है. ऑस्ट्रेलिया की टी20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान होने के कारण वह टीम के युवा खिलाड़ियों को भी अपने अनुभव से फायदा पहुंचा सकती हैं. यूपी वॉरियर्स के लिए उनकी मौजूदगी गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों विभागों में उपयोगी साबित हो सकती है. साथ ही, उनका कप्तानी अनुभव भविष्य में टीम के नेतृत्व से जुड़े विकल्पों को भी मजबूत कर सकता है.