David Warner: ऑस्ट्रेलिया टीम फिलहाल वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच खेल रही है। इस बीच साल 2016 में हुए बॉल टेंपरिंग विवाद ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। इस मामले में ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम के पूर्व कप्तान डेविड वार्नर के मैनेजर ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।
वार्नर के मैनेजर एर्सकिन ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि ‘6 साल पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ केप टाउन टेस्ट मैच के दौरान बॉल टैम्परिंग का वाकया क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों के दबाव के कारण हुआ था, इसमें खिलाड़ियों की ज्यादा गलती नहीं है।’
और पढ़िए – PAK vs ENG: दूसरे टेस्ट मैच में पहले गेंदबाजी करेगा पाकिस्तान, टीम में हुए कई बड़े बदलाव
मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो वार्नर के मैनेजर एर्सकिन ने अपने बयान में कहा कि ‘मैच के दौरान क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के दो एग्जीक्यूटिव ड्रेसिंग रूम में आए थे। वे चाहते थे कि ऑस्ट्रेलिया की टीम हर हाल में मैच जीते। इस पर वार्नर ने कहा कि यह तभी हो सकता है जब गेंद रिवर्स स्विंग हो और गेंद तभी रिवर्स स्विंग हो सकती है जब उसके साथ छेड़छाड़ की जाए।
अधिकारियों ने बॉल को टैम्पर करने को कहा
मैनेजर एर्सकिन ने आगे कहा कि ‘क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने फिर खिलाड़ियों से बॉल को टैम्पर करने को कहा। क्योंकि वे हर हाल में जीत हासिल करना चाहते थे। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बॉल को खराब करने का फैसला किया।’ ये पूरी घटना टीवी कैमरे में कैद हो गई थी, इसके बाद इस मामले में आरोपी खिलाड़ियों पर बैन लगा था।
इन खिलाड़ियों पर गिरी थी गाज, वार्नर पर लगा था लाइफटाइम लीडरशिप बैन
आपको बता दें कि बॉल टेंपरिंग मामले में तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर पर 1-1 साल का बैन लगाया गया था। वहीं गेंद को सैंड पेपर से खराब करने वाले कैमरून बेनक्रॉफ्ट को 6 महीने की सजा सुनाई गई थी। इतना ही नहीं डेविड वार्नर पर लाइफटाइम लीडरशिप बैन लगा दिया गया। यानी वार्नर भविष्य में टीम की कप्तानी नहीं कर सकते थे।
उस वक्त वार्नर के परिवार की हालत कैसी थी?, जेम्स एर्सकिन किया ये दावा
जेम्स एर्सकिन ने ये भी दावा किया है कि जब बॉल टेंपरिंग का पूरा विवाद चल रहा था, उस वक्त वॉर्नर का परिवार काफी डिस्टर्ब था, डेविड वॉर्नर की वाइफ कैंडिस ने इस दौरान एक बच्चा भी खो दिया था, जो परिवार के लिए एक बड़ा झटका था।
एर्सकिन बोले- सच्चाई बाहर आई तो कई अधिकारियों के नाम भी सामने आएंगे
डेविड वार्नर के मैनेजर यही नहीं रुके उन्होंने अपने बयान में कहा कि 2018 में साउथ अफ्रीका दौरे पर बॉल टेंपरिंग के लिए वार्नर पर आजीवन लीडरशिप बैन लगाना गलत है, क्योंकि अगर सच्चाई बाहर आई तो कई बड़े खिलाड़ी और बोर्ड के अधिकारियों के नाम भी सामने आएंगे।
और पढ़िए – PAK vs ENG: पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट मैच आज से शुरू, भारत में ऐसे देख सकेंगे लाइव
ऑस्ट्रेलिया बुरी तरह हारी थी मैच
जिस मैच में बॉल टेंपरिंग हुई थी वह साल 2016 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ कैप टाइन में खेला गया था। इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम 85 पर ऑलआउट हो गई थी और पारी के अंतर से मैच हारी थी।
डेविड वार्नर ने बैन हटाने का अनुरोध वापस लिया
डेविड वार्नर के मैनेजर के इस खुलासे से पहले बॉल टैम्परिंग के लिए आजीवन कप्तानी के लिए बैन का सामना कर रहे डेविड वार्नर ने ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड से बैन हटाने के लिए अनुरोध भी किया था, जिसे अब उन्होंने वापस ले लिया है। अनुरोध को वापस लेने के बाद वार्नर ने कहा कि जांच के नाम पर उनकी पब्लिक लिंचिंग की कोशिश हो रही थी। इस वजह से उनका परिवार काफी तनाव में था और उन्होंने अनुरोध वापस ले लिया।
और पढ़िए – खेल से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
संबंधित खबरें
सिराज के साथ हुई 'नाइंसाफी'? पहले वनडे में जगह नहीं मिलने की वजह आई सामने
1 hr agoIPL में MI के लिए ही खेलेंगे सूर्या, ट्रेड की अफवाहों पर लगा विराम
2 hrs agoLIVE: टीम इंडिया को मिली आठवीं सफलता, न्यूजीलैंड की बढ़ी मुश्किलें
3 hrs agoIND vs NZ 1st ODI: ऑकलैंड में बल्लेबाज मचाएंगे धमाल या गेंदबाज बरपाएंगे कहर
11 hrs agoIPL 2027 से पहले लियाम लिविंगस्टोन की होगी छुट्टीृ?
11 hrs agoरोहित-विराट समेत वनडे सीरीज में इन 5 खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें
12 hrs agoNZ में कैसा है कप्तान शुभमन गिल का वनडे रिकॉर्ड? आंकड़ों ने खोली पोल
13 hrs ago2008 के बाद सिर्फ इस पाकिस्तानी क्रिकेटर ने खेला IPL
13 hrs agoपहले वनडे में विराट कोहली तोड़ सकते हैं सचिन-सहवाग का बड़ा रिकॉर्ड
14 hrs ago5 विकेट लेने का मिला इनाम, ICC रैंकिंग में चमकीं वैष्णवी शर्मा
14 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines