Ben Duckett: इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज बेन डकेट ने पाकिस्तान वनडे ट्राई-सीरीज 2026 में श्रीलंका के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी से खास छाप छोड़ी. लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में उन्होंने 132 गेंदों का सामना करते हुए 167 रन की शानदार पारी खेली. इस दौरान उनके बल्ले से 24 चौके निकले, लेकिन उन्होंने एक भी छक्का नहीं लगाया. इसके बावजूद डकेट ने रनों का अंबार लगा दिया और वनडे क्रिकेट में बिना छक्का लगाए सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरा स्थान हासिल कर लिया.
बिना छक्का लगाए सबसे बड़ी पारी खेलने वाले दूसरे बल्लेबाज बने डकेट
वनडे इंटरनेशनल में बिना छक्का लगाए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर के नाम दर्ज है. उन्होंने 2016 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 173 रन की पारी खेली थी. अब बेन डकेट ने 167 रन बनाकर इस सूची में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है.
इस सूची में श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान भी शामिल हैं, जिन्होंने 2015 में बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 161 रन बनाए थे. वहीं, दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला ने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 153 रन की पारी खेली थी. वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ब्रायन लारा ने 1993 में पाकिस्तान के खिलाफ 153 रन बनाए थे.
भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस भी इस सूची में जगह रखते हैं. दोनों ने वनडे क्रिकेट में बिना छक्का लगाए 152 रन की पारियां खेली थीं. डकेट की इस पारी ने एक बार फिर दिखाया कि बड़े स्कोर तक पहुंचने के लिए सिर्फ छक्कों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. चौकों और स्ट्राइक रोटेशन के दम पर भी बड़ी पारी खेली जा सकती है.
400 रन का आंकड़ा छूने से चूका इंग्लैंड
मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 5 विकेट खोकर 386 रन बनाए. टीम की कोशिश 400 रन का आंकड़ा पार करने की थी, लेकिन वह इससे कुछ रन पीछे रह गई. बेन डकेट की शतकीय पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
इससे पहले इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच हुए मुकाबले में इंग्लिश टीम ने 429 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था, लेकिन इतने बड़े स्कोर के बावजूद उसे जीत नहीं मिली थी. ऐसे में इस बार हैरी ब्रूक की अगुवाई वाली टीम की नजरें अपने स्कोर का बचाव करने पर होंगी.
सीरीज में पहली जीत की तलाश कर रही इंग्लैंड की टीम के लिए यह मुकाबला काफी अहम है. 386 रन बनाने के बाद गेंदबाजों पर जिम्मेदारी होगी कि वे श्रीलंका के बल्लेबाजों को लक्ष्य तक पहुंचने से रोकें.