भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत के साथ आगाज किया. ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने DLS नियम के तहत न्यूजीलैंड को 5 विकेट से हरा दिया. पहले बल्लेबाजी करने उतरी कीवी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी और उसकी पूरी पारी 185 रनों पर समाप्त हो गई. बारिश के कारण भारत को 32 ओवर में 143 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला, जिसे टीम ने 22.4 ओवर में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया.
भारत की जीत में विराट कोहली ने बल्ले से अहम योगदान दिया, जबकि गेंदबाजी में युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने अपनी छाप छोड़ी. कोहली की शानदार बल्लेबाजी के बावजूद प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार कंबोज को दिया गया. खास बात यह रही कि कंबोज अपने वनडे करियर का सिर्फ दूसरा मुकाबला खेल रहे थे.
विराट कोहली की तूफानी पारी पर भारी पड़ा गेंदबाज का प्रदर्शन
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआत में ही झटका लगा. रोहित शर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए. इसके बाद विराट कोहली ने जिम्मेदारी संभाली और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया. उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 51 गेंदों में 74 रन ठोक दिए. उनकी इस पारी में 13 चौके और एक छक्का शामिल रहा.
कोहली ने अपनी बल्लेबाजी से भारत की जीत को काफी आसान बना दिया. जिस समय टीम को एक मजबूत साझेदारी की जरूरत थी, उस वक्त उन्होंने तेजी से रन बनाकर मुकाबले का रुख भारत की तरफ मोड़ दिया. उनके प्रदर्शन को देखते हुए वह भी प्लेयर ऑफ द मैच के बड़े दावेदार माने जा रहे थे. हालांकि, चयनकर्ताओं ने गेंदबाजी में मैच का रुख बदलने वाले अंशुल कंबोज को इस पुरस्कार के लिए चुना.
अंशुल कंबोज ने अपनी गेंदबाजी से किया प्रभावित
न्यूजीलैंड की पारी के दौरान अंशुल कंबोज भारतीय गेंदबाजी के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल रहे. उन्होंने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से कीवी बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया. कंबोज ने अपने 10 ओवर के स्पेल में सिर्फ 22 रन खर्च किए और दो अहम विकेट हासिल किए. उनकी किफायती गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद क्या बोले कंबोज?
पुरस्कार मिलने के बाद अंशुल कंबोज ने अपनी गेंदबाजी की रणनीति के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान पिच की परिस्थितियों के बजाय एक निश्चित लाइन और लेंथ पर गेंद डालने पर था. कंबोज के मुताबिक, उनकी वोबल सीम गेंद काफी असरदार रही और पिच से मिल रहे अतिरिक्त उछाल ने भी मदद की.
उन्होंने बताया कि सही लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करना ही उनकी योजना का सबसे अहम हिस्सा था. कंबोज ने इसी रणनीति को अपनाकर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को परेशान किया और अपने दूसरे ही वनडे मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीत लिया.