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क्या खत्म होने वाला है स्मार्टवॉच का दौर? स्क्रीन-फ्री वियरेबल्स डिवाइस पर काम कर रहीं टेक कंपनियां

स्क्रीन-फ्री वियरेबल्स के आने का मतलब यह नहीं है कि स्मार्टवॉच तुरंत अप्रासंगिक हो जाएंगी. बड़ी स्क्रीन आज भी नोटिफिकेशन, मैप, वर्कआउट और ऐप इस्तेमाल करने में उपयोगी है.

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स्क्रीन-फ्री डिवाइस की सबसे ज्यादा चर्चा AI आधारित वियरेबल्स को लेकर है. (Photo: AI)

स्मार्टवॉच पिछले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन का अहम साथी बन चुकी हैं. कॉल और मैसेज की जानकारी से लेकर हार्ट रेट, नींद, फिटनेस और वर्कआउट ट्रैकिंग तक, इन डिवाइस ने कलाई को एक छोटे डिजिटल कंट्रोल सेंटर में बदल दिया है. लेकिन अब पहनने वाली तकनीक का अगला दौर स्क्रीन से दूर जाता दिखाई दे रहा है. टेक कंपनियां ऐसे स्क्रीन फ्री वियरेबल्स (Screen-free Wearables) पर काम कर रही हैं, जिनका मकसद यूजर को हर छोटी जानकारी के लिए स्क्रीन देखने से मुक्त करना है.

AI पिन और ईयरबड बन रहे नया विकल्प


स्क्रीन-फ्री डिवाइस की सबसे ज्यादा चर्चा AI आधारित वियरेबल्स को लेकर है. ऐसे उपकरण आवाज के जरिए यूजर के निर्देश समझ सकते हैं और जवाब भी बोलकर दे सकते हैं. इसका मतलब है कि मौसम, रास्ता, मैसेज या किसी जानकारी के लिए फोन या घड़ी की स्क्रीन देखने की जरूरत कम हो सकती है.

स्मार्ट रिंग की बढ़ रही लोकप्रियता


स्मार्ट रिंग इस बदलाव का एक अहम उदाहरण है. छोटी सी रिंग में सेंसर लगाकर हार्ट रेट, नींद, गतिविधि और शरीर से जुड़े कई आंकड़े रिकॉर्ड किए जा सकते हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें स्क्रीन नहीं होती. यूजर को डेटा देखने के लिए स्मार्टफोन ऐप की मदद लेनी पड़ती है. इससे डिवाइस छोटा, हल्का और रोजमर्रा में कम दखल देने वाला बन जाता है.

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ईयरबड सिर्फ संगीत सुनने तक सीमित नहीं रहेंगे


AI आधारित ईयरबड भी तेजी से विकसित हो रहे हैं. भविष्य के ईयरबड आवाज पहचानने, रियल टाइम ट्रांसलेशन, रास्ता बताने और बातचीत में डिजिटल सहायता देने जैसे काम कर सकते हैं. स्क्रीन की जगह आवाज इन उपकरणों का मुख्य इंटरफेस बन सकती है.

स्वास्थ्य निगरानी ज्यादा सहज होगी


स्क्रीन-फ्री वियरेबल्स का एक बड़ा इस्तेमाल हेल्थ और फिटनेस में हो सकता है. स्मार्ट रिंग, पैच और दूसरे सेंसर लगातार शरीर से जुड़े आंकड़े इकट्ठा कर सकते हैं. यूजर को हर समय आंकड़े देखने के बजाय AI जरूरी बदलाव होने पर सूचना दे सकता है. हालांकि, मेडिकल स्थिति से जुड़े किसी भी निष्कर्ष के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी रहेगी.

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स्मार्टवॉच खत्म नहीं, बदल सकती है उसकी भूमिका


स्क्रीन-फ्री वियरेबल्स के आने का मतलब यह नहीं है कि स्मार्टवॉच तुरंत अप्रासंगिक हो जाएंगी. बड़ी स्क्रीन आज भी नोटिफिकेशन, मैप, वर्कआउट और ऐप इस्तेमाल करने में उपयोगी है. संभव है कि भविष्य में स्मार्टवॉच उन लोगों के लिए बनी रहे जिन्हें जानकारी सीधे कलाई पर देखना पसंद है, जबकि स्मार्ट रिंग, ईयरबड और AI वियरेबल्स उन लोगों को आकर्षित करें जो तकनीक को ज्यादा शांत और कम दिखाई देने वाले तरीके से इस्तेमाल करना चाहते हैं.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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