Space News: यदि हम मगंल ग्रह को मानव सभ्यता से आबाद करना चाहते हैं तो हमें केवल 22 व्यक्तियों की जरूरत होगी। यही 22 लोग आगे मिलकर मंगल ग्रह पर स्थाई रूप से कॉलोनी बना सकेंगे। वर्जिनिया की George Mason University और कई अन्य इंस्टीट्यूशन्स द्वारा की गई एक रिसर्च में यह नतीजे सामने आए हैं। रिसर्च में यह भी बताया गया है कि किस तरह के लोगों को मंगल पर भेजना सर्वोत्तम रहेगा।
मंगल पर मानव कॉलोनी बसाने के लिए हुई रिसर्च
शोधकर्ताओं के अनुसार रिसर्च का उद्देश्य यह जानना था कि मंगल ग्रह पर मानव किस तरह पहुंच सकता है और किन परिस्थितियों में वहां पर एक कॉलोनी बसाई जा सकती है। इसके लिए कम्प्यूटर पर कई सिम्यूलेशन्स भी किए गए। रिसर्च में शामिल शोधकर्ताओं के अनुसार कम्प्यूटर सिम्यूलेशंस को धरती के कुल 28 वर्षों की अवधि के लिए बनाया गया था।
यह भी पढ़ें: 30 अगस्त को दिखेगा Blue Moon, शनि के साथ करेगा आसमान में जुगलबंदी
रिसर्चर्स ने अपनी खोज में कुछ सवालों का जवाब जाने का प्रयास किया। ये सवाल थे, मंगल पर स्थिर चौकी बनाए रखने के लिए किन परिस्थितियों की आवश्यकता है? इस प्रतिकूल माहौल में पर्सनेलिटी टाइप्स का कौन सा कॉम्बीनेशन सबसे अच्छा रहेगा? पुनः आपूर्ति और कभी-कभार होने वाली दुर्घटनाओं के बीच दो वर्षों के लिए कितने संसाधनों की आवश्यकता है?
इस तरह चाहिए होंगे न्यूनतम 22 व्यक्ति
शोध के नतीजों (Space News) में पाया गया कि शुरूआत में कम से कम 22 लोगों को मंगल ग्रह पर भेजना चाहिए। कम्प्यूटर मॉडल्स सिम्यूलेशन्स में यह माना गया कि इन लोगों के रहने के लिए वहां पर ऑलरेडी उपयुक्त परिस्थितियां बनाई जाएंगी। हालांकि हवा, पानी और खाना उन्हें अपने ही स्तर पर तैयार करना होगा। सरल शब्दों में कहें तो उन्हें सीधे जाकर मंगल ग्रह पर रहना होगा।
यह भी पढ़ें: चांद पर इतिहास रचने वाला इकलौता देश बना भारत, जाने क्यों साउथ पोल पर कराई लैंडिंग?
मंगल ग्रह पर जाने वालों की होनी चाहिए ऐसी पर्सनेलिटी
शोधकर्ता टीम के अनुसार मंगल ग्रह पर उन्हीं लोगों को भेजा जाना चाहिए जिनमें प्रतिद्वंदिता और क्रोध की भावना न्यूनतम हो। उन्हें एक्स्ट्रोवर्ट तथा मिलनसार होना चाहिए। वे एक ही चीज पर बंध कर रहने वाले न हों। हालांकि ऐसा होना अत्यावश्यक नहीं है। फिर भी लंबे समय के लिए मंगल की परिस्थितियों में खुद को ढालने के लिए वहां जाने वाले मानव लचीले स्वभाव के होने चाहिए।
संबंधित खबरें
क्या किसी आपदा का संकेत? पहली बार 30°C तक गर्म हुआ प्रशांत महासागर
7 days agoमंगल के चांद से मिट्टी क्यों लाना चाहता है जापान, क्या है MMX मिशन?
10 days agoदुनिया के सबसे प्रदूषित 20 शहरों में से 13 भारत में, दिल्ली का नाम नहीं
12 days agoजिंदगी के लिए पृथ्वी के अलावा साइंटिस्ट्स को क्यों है बेहतर ग्रह की उम्मीद?
17 days ago11 अक्टूबर को धरती से टकरा सकता जबरदस्त सौर तूफान, भारत पर क्या होगा असर?
21 days agoसुपर-डुपर अल नीनो मजबूत, धरती के बड़े हिस्से में बढ़ेगी गर्मी
23 days agoफ्रांसिस हैल्जेन ने जीता फिजिक्स का नोबेल प्राइज 2026
25 days ago'ऑप्टोजेनेटिक्स' पर काम करने वाले 3 साइंटिस्ट्स को मेडिसिन में नोबेल प्राइज
26 days agoखतरे में है कैलिफोर्निया! प्रशांत महासागर में पनप रहा है El Nino
29 days agoSpaceX का रॉकेट Starship लॉन्च, वहां जाने का इरादा जहां कोई इंसान न गया हो
33 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines