Yashoda Jayanti 2026 Today: यशोदा जयंती, भगवान श्रीकृष्ण की पालनहार और भक्तों के लिए मातृत्व और वात्सल्य का प्रतीक है. हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है. वर्ष 2026 में यह जयंती आज शनिवार 7 फरवरी 2026 को मनाई जा रही है. आइए जानते हैं, आज के दिन महत्व, पूजा का शुभ मुहूर्त और 5 खास मंत्र, जिनसे मां यशोदा और भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और मन की मुरादें पूरी करते हैं.
यशोदा जयंती का महत्व
यह पर्व माता यशोदा की ममता, निस्वार्थ प्रेम और अनुपम भक्ति को समर्पित है. यशोदा जयंती मां यशोदा के वात्सल्य, स्नेह और उनके द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की लालन-पालन की पावन स्मृति में मनाई जाती है. यह दिन एक माँ के अपने संतान के प्रति त्याग, समर्पण और अटूट प्रेम का प्रतीक है.
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धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा-भाव से व्रत और पूजा करने से निस्संतान दंपत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है तथा बच्चों की आयु दीर्घ होती है. साथ ही यह पर्व पारिवारिक शांति, सौहार्द और गृह-क्लेश से मुक्ति के लिए भी विशेष महत्व रखता है.
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यशोदा जयंती 2026: पूजा के शुभ मुहूर्त
यशोदा जयंती के पावन अवसर पर पूजा और व्रत के लिए कुछ विशेष मुहूर्त अत्यंत शुभ माने गए हैं. चूँकि षष्ठी तिथि रात्रि से ही आरंभ हो रही है, इसलिए ब्रह्म मुहूर्त में की गई पूजा विशेष फलदायी मानी गई है. लेकिन इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग सुबह के 07:05 बजे तक रहेगा, जो सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम है. इसके साथ ही, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:57 बजे तक रहेगा, जो पूजा और संकल्प के लिए श्रेष्ठ है. इसके अलावा आज विजय मुहूर्त दोपहर 02:25 से 03:09 बजे तक रहेगा. वहीं अमृत काल सायं 07:31 से रात्रि 09:15 बजे तक रहेगा, जो आरती और मंत्र जाप के लिए उत्तम माना जाता है.
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इन 5 मंत्रों से करें पूजा
यशोदा जयंती के दिन माता यशोदा और बाल गोपाल की कृपा पाने के लिए कुछ आसान और प्रभावी मंत्रों का जाप किया जाता है.
ॐ यशोदा-वत्सलाय नमः - पूजा के समय 'ॐ यशोदा-वत्सलाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें. यह मंत्र बहुत शुभ माना जाता है.
श्री यशोदा मातरं प्राणमामि - माता यशोदा को प्रणाम करने के लिए 'श्री यशोदा मातरं प्राणमामि' मंत्र पाठ करें.
ॐ श्री यशोदायै नमः - घर में सामान्य पूजा के दौरान 'ॐ श्री यशोदायै नमः' मंत्र का जाप भी लाभ देता है.
संतान गोपाल मंत्र - यदि संतान सुख की कामना हो, तो पूजा के समय संतान गोपाल मंत्र का जप करें.
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय - अगर कोई विशेष मंत्र याद न हो, तो 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'हरे कृष्ण' का नाम लेना भी पर्याप्त माना जाता है.
जानें पूजा की सरल विधि
यशोदा जयंती के दिन माता यशोदा और बाल कृष्ण की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएँ. माता को लाल चुनरी चढ़ाएँ और लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री का भोग लगाएँ. अंत में श्रद्धा से माता यशोदा की आरती करें.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.