हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Yamuna Chhath 2026: चैत्र नवरात्रि के बीच मनेगी 'यमुना छठ', जानें सटीक डेट, महत्व पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Yamuna Chhath 2026: चैत्र नवरात्रि के बीच आने वाला यमुना छठ 2026 में खास संयोग लेकर आ रहा है. यह पर्व ब्रज वासियों और कृष्ण भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन देवी यमुना की पूजा, स्नान और दान से सुख, शांति और संतुलन मिलता है. जानिए, इसकी सटीक तिथि, महत्व, विधि और शुभ मुहूर्त क्या हैं?

विज्ञापन

Yamuna Chhath 2026: चैत्र नवरात्रि के बीच आने वाला यमुना छठ का पर्व इस बार खास संयोग लेकर आ रहा है. ब्रज क्षेत्र में इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं. श्रद्धा, परंपरा और प्रकृति के संगम का यह दिन देवी यमुना की आराधना को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस दिन किया गया स्नान, दान और पूजन जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक संतुलन लाता है. आइए जानते हैं, यमुना छठ की सटीक डेट, महत्व पूजा विधि और शुभ मुहूर्त.

कब है यमुना छठ?

द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर यमुना छठ मनाई जाती है. वर्ष 2026 में यह पर्व 24 मार्च, मंगलवार को मनाया जाएगा. षष्ठी तिथि 23 मार्च शाम 06:38 बजे से शुरू होकर 24 मार्च दोपहर 04:07 बजे तक रहेगी. अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:52 बजे तक रहेगा. इस दिन रवि योग का भी विशेष संयोग बन रहा है.

क्यों खास है यह दिन?

धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी तिथि पर देवी यमुना का अवतरण हुआ था, इसलिए इसे ‘यमुना जयंती’ भी कहते हैं. यमुना को सूर्य देव की पुत्री और यमराज की बहन माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय कम होता है. भगवान कृष्ण से जुड़ाव के कारण यह दिन कृष्ण भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Maa Lakshmi Blessings: इस एक चीज से है मां लक्ष्मी का है खास संबंध, उपयोग करने वाला बन जाता है धनवान

पूजा और व्रत की विधि

इस दिन भक्त सुबह जल्दी उठते हैं. यमुना स्नान का विशेष महत्व है. यदि संभव न हो, तो घर पर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जाता है. इसके बाद यमुना और कृष्ण की पूजा की जाती है. भोग में मिश्री, मक्खन और सफेद मिठाई अर्पित की जाती है. कई लोग निर्जला व्रत भी रखते हैं और अगले दिन दान के बाद पारण करते हैं.

विज्ञापन

ब्रज में उत्सव का खास रंग

मथुरा और वृंदावन में इस दिन अलग ही माहौल होता है. यमुना के तट पर विश्राम घाट पर शाम की आरती विशेष आकर्षण होती है. हजारों दीप जलाए जाते हैं. मंदिरों में छप्पन भोग सजता है. देश-विदेश से लोग यहां पहुंचते हैं.

प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश

यमुना छठ सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है. नदी की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश इस दिन विशेष रूप से दिया जाता है. श्रद्धालु जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूकता का संकल्प भी लेते हैं.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Vidur Niti: ऐसी गुण और आदत वाले लोग जल्दी बनते हैं धनवान, जानें घर में खुशहाली लाने का उपाय

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola