Tearing Eyes While Puja: वैसे तो आंखों में आंसू आना मानव स्वभाव माना जाता है, परन्तु पूजा करते समय आंखों से आंसू गिरने लगे तो समझ जाएं कि भगवान आपको कुछ बताना चाह रहे हैं। क्या पूजा के समय आंसू आने से भगवान आपकी पूजा स्वीकार करते हैं या नहीं? चलिए जानते हैं ज्योतिष शास्त्र और धर्मग्रन्थ इसके बारे में क्या कहते हैं?
– ज्योतिष शास्त्र कहता है कि अगर पूजा करते समय किसी की आंखों में आंसू बहने लगें तो इसका अर्थ है कि भगवान ने उसकी पूजा स्वीकार कर ली है। आंखों में आंसू आना इस बात का संकेत देता है कि आपके जीवन से जल्द ही सारे दुख-दर्द दूर होने वाले हैं और आपको पूजा का फल जल्द प्राप्त होने वाला है।
– ऐसा माना जाता है कि पूजा करते समय जब कोई मनुष्य पूर्ण रूप से ईश्वर की भक्ति में लीन हो जाता है, तभी आंखों में आंसू आते हैं। धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि जब मनुष्य भक्ति में लीन हो जाता है तो उसका ईश्वर से सीधा संपर्क बन जाता है। ईश्वर से संपर्क बनने के बाद हमेशा खुशी के आंसू ही आंखों से निकलते हैं। ऐसे में आपको मान लेना चाहिए कि आपका पूजा पूर्ण रूप से सफल हो गया है।
– पूजा करते समय आंखों में आंसू आना इस बात का भी संकेत है कि आपके परिवार में सुख-समृद्धि आने वाली है। आप भगवान के प्रिय हो चुके हैं और आपका अंतर्मन पूर्ण रूप से शुद्ध हो चुका है। इसलिए जब भी आप भगवान की पूजा करें तो पूरे मन से करें।
– हालांकि ज्योतिष शास्त्र का यह भी मानना है कि कभी-कभी पूजा करते समय नकारात्मक सोच आने से भी आंखों में आंसू आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में आंसू आना अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि पूजा करते समय अगर किसी के मन में नकारात्मकता आ जाती है तो पूजा असफल मानी जाती है। भगवान पूजा करने वाले मनुष्य से नाराज हो जाते हैं। ईश्वर यह मान लेते हैं कि आपने सच्चे मन से उन्हें याद नहीं किया। इसलिए पूजा करते समय मन को भटकने न दें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।