Chandra Grahan 2025: इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भादो माह की पूर्णिमा तिथि यानी 18 सितंबर 2024 की सुबह में सूर्योदय के बाद लगा था, इसलिए यह भारत में नहीं देखा गया। भादो माह की पूर्णिमा को पितृपक्ष का पहला तर्पण और पिंडदान किया जाता है। अब अगला चंद्र ग्रहण अगले साल 2025 में लगेगा। वैदिक ज्योतिष की गणना के अनुसार, साल 2025 में दो चंद्र ग्रहण लगेंगे। आइए जानते हैं, अगले साल कितने चंद्र ग्रहण लगने वाले हैं, किन तारीखों में लगेंगे और क्या अगले साल पितृपक्ष में फिर चंद्र ग्रहण लगेगा?
साल 2025 के चंद्र ग्रहण
वैदिक ज्योतिष की गणना के अनुसार, साल 2025 में भी इस साल की तरह दो चंद्र ग्रहण लगने वाले हैं। अगले साल पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च 2025 को लगेगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस दिन होलिका दहन है। साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण होली के दिन 25 मार्च, 2024 को लगा था।
जहां तक साल 2025 के दूसरे चंद्र ग्रहण की बात है. तो वह भी इस साल की तरह सितंबर माह में ही लगेगा। साल 2025 का दूसरा चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को लगेगा। यह भी एक संयोग ही है कि साल 2025 का यह दूसरा चंद्र ग्रहण भी इस साल की तरह की भी पितृपक्ष में लगेगा।
क्या भारत में दिखेंगे ये चंद्र ग्रहण?
साल 2025 में लगने वाले दोनों चंद्र ग्रहण एक खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण हैं। इस साल के दोनों चंद्र ग्रहण भी आंशिक चंद्र ग्रहण थे। जहां तक इन चंद्र ग्रहणों के दिखने की बात है, तो 14 मार्च 2025 को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। वहीं 7 सितंबर, 2025 को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश भागों में दृश्यमान होगा।
सूतक काल
हिंदू ग्रंथों और ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक़ जो चंद्र ग्रहण आंखों से प्रत्यक्ष तौर पर नहीं दिखता है, उसका सूतक नहीं लगता है। चूंकि साल 2025 में लगने वाले पहला चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। इसका कोई सूतक काल नहीं है। साल 2025 के दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखने के कारण इसका सूतक काल 7 सितंबर को दोपहर में 12 बजकर 19 मिनट से शुरू होकर 8 सितंबर की आधी रात में 1 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगा।
2025 में कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
जहां तक साल 2025 में सूर्य ग्रहण की बात है, तो यह भी संयोग है कि साल 2024 की तरह 2025 में भी दो सूर्य ग्रहण के योग हैं। पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को लगेगा, जो आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। इसके बाद 21 सितंबर को 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण लगेगा। यह भी आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। ये दोनों ही सूर्य ग्रहण भारत में दिखा नहीं देंगे, सो इनका कोई धार्मिक महत्व नहीं और इनका कोई सूतक काल भी नहीं है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।