Angarak Chaturthi 2025 Date: अंगारक चतुर्थी एक अत्यंत शुभ दिन है, जो विशेष रूप से भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है. इस दिन किया गया व्रत और पूजा जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लाने वाला माना जाता है. इसे सभी संकष्टी चतुर्थियों में सबसे अधिक शुभ माना गया है. यह व्रत घर-परिवार में सौहार्द और प्रेम बढ़ाने के साथ-साथ कर्ज या अन्य बाधाओं को दूर करने में भी मदद करता है.
अंगारक चतुर्थी क्या है?
संकष्टि चतुर्थी के इस विशेष दिन का नाम ‘अंगारक’ मंगल ग्रह से जुड़ा होने के कारण पड़ा है. ‘अंगारक’ का अर्थ होता है जलते हुए कोयले जैसा लाल, जो ऊर्जा, शक्ति और उत्साह का प्रतीक है. इस दिन, चतुर्थी तिथि मंगलवार को पड़ती है, इसलिए इसे अंगारक चतुर्थी कहा जाता है. इस अवसर पर लोग भगवान गणेश की पूजा के साथ-साथ मंगलदेव की भी पूजा करते हैं, जिससे जीवन में मंगल ग्रह की अनुकूलता बनी रहती है.
दिसंबर 2025 में कब है अंगारक चतुर्थी?
द्रिक पंचांग के अनुसार, पौष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी 23 दिसंबर, मंगलवार को पड़ेगी. मंगलवार और चतुर्थी तिथि के इस संगम से यह दिन और भी विशेष बन जाता है. भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और सुबह और शाम को गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं.
किसे करना चाहिए यह व्रत?
विशेष रूप से उन लोगों के लिए यह व्रत लाभकारी है जिनकी कुंडली में मंगल दोष या मांगलिक दोष है. इस व्रत और पूजा से उनकी जीवन में चल रही समस्याओं का समाधान संभव होता है.
कैसे करें पूजा और व्रत?
अंगारक चतुर्थी पर भगवान गणेश और मंगलदेव की पूजा करें. घर को साफ करके तुलसी या पुष्प से अलंकरण करें. व्रत के दौरान हल्का भोजन करें और पूरे दिन भगवान की भक्ति में ध्यान लगाएँ. यदि संभव हो तो हनुमान या अन्य मंत्रों का जाप भी लाभकारी होता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।