Vijaya Ekadashi 2026 Date: 12 या 13 फरवरी, कब है विजया एकादशी व्रत? यहां जानें सटीक तारीख और धार्मिक महत्व

Vijaya Ekadashi 2026 Date: फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी का व्रत रखा जाता है. यह दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है. चलिए जानते हैं विजया एकादशी फरवरी महीने में कब है और इसका धार्मिक महत्व क्या है?

Vijaya Ekadashi 2026 Date

Photo Credit- News24GFX

Vijaya Ekadashi 2026 Date: पंचांग के अनुसार, हर महीने की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि को एकादशी व्रत रखा जाता है. अब फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष एकादशी का व्रत आने वाला है. इसे विजया एकादशी के नाम से जानते हैं. एकादशी का दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है. फाल्गुन की विजया एकादशी का व्रत कब है इसकी तारीख को लेकर कन्फ्यूजन हैं. चलिए जानते हैं कि, फरवरी में विजया एकादशी कितनी तारीख को पड़ रही है?

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कब है विजया एकादशी? (Vijaya Ekadashi Kab Hai)

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विजया एकादशी फाल्गुन कृष्ण पक्ष एकादशी पर मनाई जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, यह तिथि 12 फरवरी 2026, दिन गुरुवार को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से लेकर 13 फरवरी 2026, दिन शुक्रवार की दोपहर 02 बजकर 25 मिनट तक है. हिंदू धर्म में उदयातिथि को महत्व दिया जाता है. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को रखा जाएगा.

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विजया एकादशी का महत्व (Vijaya Ekadashi Significance)

विजया एकादशी का व्रत करने और भगवान विष्णु की पूजा करने से हर लड़ाई में विजय मिलती है. विजया एकादशी का व्रत शत्रुओं पर विजय और कार्यों में सफलता के लिए करना चाहिए. इससे करियर और कारोबार में तरक्की मिलती है. घर-परिवार में सुख-शांति आती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्रभु श्रीराम ने लंका विजय से पहले विजया एकादशी का व्रत किया था. इसके बाद भगवान राम को विजय प्राप्त हुई.

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विजया एकादशी पूजा विधि (Vijaya Ekadashi Puja Vidhi)

विजया एकादशी पर आपको भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए पूजा अर्चना करनी चाहिए. इस दिन आप सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहन लें. घर के मंदिर की सफाई कर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें. विष्णु भगवान को पीले फूल, तुलसी दल, धूप, दीप आदि अर्पित करें. भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं. “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें और विष्णु सहस्रनाम या एकादशी व्रत कथा का पाठ करें. इसके साथ ही आरती कर पूजा संपन्न करें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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