कुंडली में ग्रहों की दशा
घर खरीदने या किराए पर लेने से पहले कुंडली में ग्रहों की दशा जरूर देखनी चाहिए। ग्रहों की मुख्य दशा और अंतर्दशा के आधार पर मकान लेने से भाग्योदय में बाधा नहीं आती है। शनि, राहु और केतु की दशा में मकान नहीं लेना चाहिए, अन्यथा आर्थिक परेशानियां बढ़ जाती हैं और घर के सदस्य स्वास्थ्य समस्याओं से त्रस्त रहते हैं।ग्रह-गोचर और युति
ज्योतिष शास्त्र में, कुछ खास ग्रह-गोचर और युतियां (कुंडली के किसी भाव यानी घर में एक से अधिक ग्रहों का संयोग) अशुभ मानी जाती हैं, जिनमें मकान खरीदने से बचना चाहिए। जब सूर्य अष्टम भाव में, मंगल, बुध, गुरु और शुक्र छठे या अष्टम भाव में गोचर कर रहा हो, तो मकान नहीं खरीदना चाहिए न ही किराए पर लेना चाहिए। साथ ही जब शनि, राहु और केतु का गोचर छठे या अष्टम भाव में हो, तब भी मकान लेने से बचना चाहिए, अन्यथा दुर्भाग्य पीछा नहीं छोड़ता है।घर की दिशा
[caption id="attachment_698508" align="aligncenter" ]शुभ-अशुभ मुहुर्त
कोई भी शुभ काम करने से पहले शुभ-अशुभ मुहुर्त देख लेना आवश्यक है। अशुभ या गलत मुहुर्त में किए गए काम उन्नति और प्रगति में बाधक होते हैं। धन हानि और मानसिक अशांति बढ़ जाती है। किसी ज्योतिष एक्सपर्ट से मशवरा कर एक शुभ मुहूर्त और सटीक समय चुन सकते हैं।घर का वास्तु
फाइनली घर के वास्तु को जांच लेना चाहिए। मास्टर लिविंग रूम का उत्तर या उत्तर-पूर्व कोने में होना चाहिए और टॉयलेट घर के उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा में होना चाहिए आदि अनेक ऐसी बातें जिनका आपको बखूबी ध्यान में रखना चाहिए। इसके लिए आप किसी वास्तु एक्सपर्ट की सहायता ले सकते हैं। ये भी पढ़ें: Vastu for Love Life: कपल के बीच रोमांस बढ़ाने के 5 वास्तु उपायइन बातों का भी रखें ध्यान
कभी भी मेन रोड पर बना मकान नहीं लेना चाहिए, यह मानसिक अशांति बढ़ाता है। चौराहे और तिराहे पर कभी भूलकर भी मकान नहीं लेना चाहिए। इनमें भयंकर वास्तुदोष होता है। दलदली या पानी से भरे जगहों वाली मकान लेने से बचना चाहिए, वरना आर्थिक और स्वास्थ्य समस्याएं पीछा नहीं छोड़ती हैं। ये भी पढ़ें: सुबह उठकर आप भी देखते हैं आईना? छोड़ दें ये आदत, वरना…
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।