अमित रतूड़ी (Chardham Yatra 2024) अक्षय तृतीया के मौके पर चार धाम यात्रा का आरंभ हो गया है। आज यानी 10 मई को प्रात: काल केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल गए हैं। वहीं अब बद्रीनाथ धाम के कपाट आज से दो दिन बाद यानी 12 मई को खुलेंगे।
श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई को प्रातः काल 06 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 6 बजे के बाद से श्रद्धालुगण श्री बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर सकेंगे।
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जोर-शोर से की जा रही हैं तैयारियां
श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा कपाट खुलने हेतु सभी तैयारियां की जा रही हैं। कपाट खुलने की तैयारियों की प्रक्रिया के तहत कल यानी बृहस्पतिवार को जोशीमठ में प्राचीन गरुड़ छाड़ मेला संपन्न हो गया है। विष्णु जी के प्रिय वाहन गरुड़ जी रस्सी के समांतर उड़कर जोशीमठ बाजार की तरफ से श्री नृसिंह मंदिर की तरफ पहुंचे। 8 मई को श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर में गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा पहुंची। 9 मई को गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा रात्रि में रविग्राम जोशीमठ के लिए रवाना हुई।
श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में पूजा-अर्चना करने के बाद आज यानी 10 मई को गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा के बाद गुरू शंकराचार्य जी की गद्दी तथा श्री बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी के साथ योग बद्री पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। हालांकि इस अवसर पर श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में श्रद्धालुओं ने रावल तथा आदि गुरू शंकराचार्य जी की गद्दी को योग बद्री पांडुकेश्वर हेतु रवाना किया।
गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा दो दिन बाद पहुंचेगी बद्रीनाथ धाम
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गोड़ ने बताया कि, पांडुकेश्वर में रात्रि प्रवास के पश्चात कल 11 मई को योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री उद्धव जी एवं श्री कुबेर जी सहित आदि गुरू शंकराचार्य जी की पवित्र गद्दी के साथ-साथ श्री बद्रीनाथधाम के रावल के साथ गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा शाम के समय श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचेगी। इसके बाद 12 मई को प्रातः काल 6 बजे श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
देव डोलियों की चल रही हैं तैयारियां
आज श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में देव डोलियों के योग बदरी पांडुकेश्वर प्रस्थान की तैयारियां की जा रही हैं। जहां पर सुबह से ही बद्रीनाथ धाम के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मंदिर समिति सदस्य आशुतोष डिमरी, भास्कर डिमरी सहित प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी, सहायक अभियंता गिरीश देवली, धर्माधिकारी राधा कृष्ण थपलियाल, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान और मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान मौजूद रहें।
इसी के साथ वेदपाठी रविंद्र भट्ट, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, विवेक थपलियाल, श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कपरवाण, जगमोहन बर्त्वाल, संतोष तिवारी, लेखाकार भूपेंद्र रावत, संदेश मेहता, प्रबंधक भूपेंद्र राणा, केदार सिंह रावत, नरेंद्र खाती और संजय तिवारी आदि लोग भी मौजूद थे।
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