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Ulte Hanuman Ji: यहां उल्टे क्यों हैं हनुमान जी? जानें कहां हैं संकटमोचक का यह अनोखा धाम

Ulte Hanuman Ji: हनुमान जयंती पर जहां देशभर में मंदिरों में भीड़ उमड़ती है, वहीं एक ऐसा धाम भी चर्चा में है जहां हनुमान जी उल्टे विराजमान हैं. आखिर क्यों है यह अनोखा स्वरूप? यह रहस्य भक्तों में जिज्ञासा और आस्था दोनों को और गहरा क्यों करता है?

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Ulte Hanuman Ji: हनुमान जयंती के अवसर पर देशभर में बजरंगबली के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. इसी बीच एक ऐसा अनोखा धाम चर्चा में रहता है, जहां हनुमान जी की प्रतिमा सीधी नहीं बल्कि उल्टी अवस्था में विराजमान है. यह रहस्य और आस्था का संगम भक्तों के मन में जिज्ञासा भी जगाता है और गहरी श्रद्धा भी.

कहां है यह अनोखा मंदिर?

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से करीब 30 किमी दूर सांवेर में यह प्रसिद्ध मंदिर स्थित है. इसे उल्टे हनुमान मंदिर या उल्टे हनुमान धाम के नाम से जाना जाता है. यहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, खासकर मंगलवार और शनिवार को भारी भीड़ रहती है.

क्या है उल्टे स्वरूप का रहस्य?

इस मंदिर की सबसे खास बात है हनुमान जी की उल्टी प्रतिमा. यहां उनका सिर नीचे और पैर ऊपर की ओर दिखाई देते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह वही स्वरूप है जब हनुमान जी पाताल लोक में प्रवेश कर रहे थे.

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रामायण से जुड़ी कथा

कथा के अनुसार, अहिरावण ने भगवान राम और लक्ष्मण का अपहरण कर उन्हें पाताल लोक में ले गया था. तब हनुमान जी उन्हें बचाने के लिए पाताल पहुंचे. कहा जाता है कि उन्होंने उल्टा रूप धारण कर पाताल में प्रवेश किया और अहिरावण का वध कर दोनों भाइयों को सुरक्षित वापस लाए. इसी घटना की स्मृति में यहां उनकी उल्टी प्रतिमा स्थापित की गई.

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कोर्ट-कचहरी के झंझट से राहत

भक्तों का विश्वास है कि यहां दर्शन करने से बड़ी से बड़ी परेशानी दूर हो जाती है. खासतौर पर कोर्ट-कचहरी और बीमारी से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलने की मान्यता है. कई लोग इसे बहुत जागृत स्थान मानते हैं.

विशेष पूजा और परंपरा

यहां हनुमान जी को सिंदूरी चोला चढ़ाने की परंपरा है. श्रद्धालु लगातार तीन या पांच मंगलवार या शनिवार यहां आकर पूजा करते हैं. ऐसा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है.

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ग्रह दोष से मुक्ति

मंदिर को लेकर यह भी माना जाता है कि यहां दर्शन करने से शनि और मंगल दोष कम होते हैं. इसलिए ज्योतिषीय समस्याओं से परेशान लोग भी यहां विशेष रूप से आते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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