हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Tulsi Vivah 2025 Vrat Katha: आज है तुलसी-शालिग्राम का विवाह, पढ़ें 'तुलसी विवाह की कथा' इसके बिना अधूरा है व्रत

Tulsi Vivah 2025 Vrat Katha: आज तुलसी विवाह का पर्व मनाया जा रहा है. तुलसी विवाह के शुभ अवसर पर तुलसी जी का विवाह भगवान शालिग्राम से कराया जाता है. आज भक्त घरों और मंदिरों में तुलसी विवाह का आयोजन करते हैं. इस दिन आपको तुलसी विवाह की कथा को जरूर पढ़ना और सुनना चाहिए.

विज्ञापन

Tulsi Vivah Vrat Katha in Hindi 2025: आज कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि के दिन तुलसी विवाह का व्रत है. तुलसी विवाह के दिन तुलसी जी और शालिग्राम भगवान की पूजा की जाती है और विवाह कराया जाता है. तुलसी विवाह के दिन आपको तुलसी माता की पूजा आरती करनी चाहिए और साथ ही शालिग्राम भगवान की पूजा और आरती करनी चाहिए. तुलसी विवाह कराने से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है. आपको आज तुलसी विवाह के दिन तुलसी विवाह की कथा को जरूर पढ़ना चाहिए. आपको तुलसी विवाह पर इस कथा का पाठ करना चाहिए.

तुलसी विवाह व्रत कथा (Tulsi Vivah Vrat Katha)

महादेव ने अपने तेज को समुद्र में फेंक दिया था. जिसके बाद इस तेज से महातेजस्वी बालक जालंधर का जन्म हुआ. यह बाद में पराक्रमी दैत्य राजा बना. इसकी राजधानी जालंधर नगरी थी. दैत्यराज कालनेमी की कन्या वृंदा से शादी हुई. दैत्यराज ने सत्ता के मद में चूर होकर मां लक्ष्मी को पाने की इच्छा की. लेकिन मां लक्ष्मी ने अपने भाई के रूप में स्वीकार किया. वह पार्वती देवी को पाने के लालच से कैलाश पर्वत गया. वह भगवान शिव का रूप धारण करके गया लेकिन मां पार्वती ने उसे पहचान लिया. उसके ऊपर भगवान विष्णु क्रोधित हुए.

दैत्य राजा जालंधर की पत्नी पतिव्रत थी. उसकी पतिव्रत धर्म की शक्ति के कारण वह मारा नहीं जाता और पराजित नहीं होगा. उसे मारने के लिए वृंदा का पतिव्रत धर्म भंग करना जरूरी था. इसके लिए भगवान विष्णु ऋषि का वेश धारण कर वन में गए. वहां उन्होंने अपने साथ लेकर गए दो मायावी राक्षसों को भस्म कर दिया. इसके बाद वृंदा ने अपने पति के बारे में पूछा. उन्होंने दो वानर को प्रकट किया एक के हाथ में दैत्य राजा का सिर और दूसरे के हाथ में धड़ था. उन्होंने अपने पति को जीवित करने के लिए कहा.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें – Tulsi Vivah 2025: आज है तुलसी विवाह, यहां जानिए संपूर्ण विधि, पूजा सामग्री, मंत्र और शुभ मुहूर्त

इसके बाद भगवान विष्णु ने जालंधर का सिर धड़ से जोड़ दिया और खुद शरीर में प्रवेश कर गए. इसके बाद वृंदा उनके साथ पतिव्रता व्यवहार करने लगी. इसके बाद उसका सतीत्व भंग हो गया. इसके बाद जालंधर युद्ध में हार गया. जब वृंदा को यह पता चला तो भगवान विष्णु को ह्रदयहीन शिला होने का श्राप दे दिया. भगवान विष्णु शालिग्राम पत्थर बन गए. भगवान विष्णु को श्राप देने के बाद वह स्वयं आत्मदाह हो गई. इसके बाद तुलसी का पौधा उग गया. इसके बाद भगवान विष्णु ने तुलसी से सदा के रूप में विवाह किया. तभी से कार्तिक माह की देवउठनी एकादशी पर तुलसी और शालीग्राम का विवाह किया जाता है.

विज्ञापन

तुलसी विवाह पूजा विधि (Easy Tulshi Mata Puja Vidhi)

तुलसी विवाह के दिन लकड़ी की चौकी लगाकर तुलसी का पौधा और शालिग्राम भगवान रखें. इसके बाद लाल चुनरी से मंडप तैयार करें. तुलसी जी और शालिग्राम भगवान की पूजा करें. शालिग्राम को हाथ में लेकर तुलसी के पौधे के पास सात बार परिक्रमा लगाएं. यह काम घर के किसी पुरुष को करना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola