Tulsi Puja Rules: तुलसी के पौधे की पूजा में कई बातों का रखें ध्यान, पत्ते तोड़ने के लिए भी है खास नियम

Tulsi Puja Rules: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का खास धार्मिक महत्व होता है. तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना की जाती है. आपके घर में तुलसी का पौधा है तो पूजा के दौरान कई बातों का खास ध्यान रखना चाहिए. वरना मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है. इससे घर की सुख-शांति छिन जाती है.

Tulsi Puja Rules

(Photo- News24 GFX)

Tulsi Puja Rules: तुलसी का पौधा पूजनीय माना जाता है. तुलसी को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. तुलसी के पूजन से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा सदा बनी रहती है लेकिन अगर तुलसी के पूजन में गलती करते हैं तो इससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाती है और सुख-समृद्धि की कमी होती है. घर-परिवार में सुख-शांति के लिए आपको विधि-विधान के साथ तुलसी की पूजा करनी चाहिए. इसके साथ ही तुलसी के पौधे से जुड़े कई नियमों का ध्यान रखना चाहिए. चलिए तुलसी के पौधे से जुड़े इन नियमों के बारे में जानते हैं.

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तुलसी की पूजा कैसे करें?

आपको तुलसी की पूजा करने के लिए सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनने चाहिए. इसके बाद तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें. पौधे के समक्ष घी का दीपक जलाएं. तुलसी माता की आरती करें और भोग लगाएं. आपको शाम के समय तुलसी के समक्ष दीपक जलाना चाहिए. लेकिन तुलसी की पूजा के लिए कई दिनों का खास ध्यान रखना चाहिए. इन दिनों तुलसी को जल देना वर्जित होता है.

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इन दिनों तुलसी को जल न चढाएं

तुलसी के पौधे को रविवार, एकादशी और ग्रहण के दिन जल नहीं चढ़ाना चाहिए. इन दिनों जल चढ़ाना वर्जित माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि, रविवार के दिन तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस दिन जल चढ़ाने से व्रत टूट जाता है. एकादशी के दिन तुलसी निर्जला व्रत रखती है इस दिन भी जल नहीं चढ़ाना चाहिए. इसके अलावा ग्रहण के समय भूलकर भी तुलसी के पौधे को जल अर्पित न करें.

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तुलसी के पत्ते तोड़ने के नियम

रविवार और एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. आपको ग्रहण के समय भी तुलसी के पत्तों को तोड़ने से बचना चाहिए. ग्रहण शुरू होने से पहले ही आप तुलसी के पत्ते भोजन में डाल दें. अगर आपको इन दिनों या समय पर तुलसी के पत्तों की जरूरत होती है तो तुलसी के पास पहले से गिरे हुए पत्तों का इस्तेमाल करें. सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. आपको तुलसी के पत्ते नाखून से नहीं बल्कि उंगलियों से तोड़ने चाहिए और पत्ते तोड़ने के समय ‘ॐ सुभद्राय नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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