गुरुवार का दिन वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति देव और भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। यह दिन धन, समृद्धि और सुख की प्राप्ति के लिए विशेष रूप से शुभ है, क्योंकि बृहस्पति धन और ज्ञान के कारक हैं, और भगवान विष्णु माता लक्ष्मी के पति हैं। शास्त्रों के अनुसार गुरुवार को किए गए कुछ विशेष उपाय माता लक्ष्मी को प्रसन्न करते हैं और धन-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं कि गुरुवार के दिन किन उपायों को किया जा सकता है।
लक्ष्मी-विष्णु पूजा
गुरुवार को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। सुबह स्नान के बाद स्वच्छ पीले वस्त्र पहनें और पूजा स्थल पर लक्ष्मी-विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। तुलसी के पत्ते, कमल के फूल और चंदन अर्पित करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ और ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। यह पूजा धन प्राप्ति और आर्थिक स्थिरता के लिए लाभकारी है।
पीले रंग का उपयोग
गुरुवार को पीले रंग का विशेष महत्व है, क्योंकि यह बृहस्पति का प्रिय रंग है। इस दिन पीले वस्त्र पहनें, पीले फूलों से पूजा करें और घर में पीले रंग की वस्तुएं जैसे हल्दी या केसर का उपयोग करें। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, पीला रंग सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करता है। घर के मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वास्तिक बनाएं, यह धन आगमन का प्रतीक है।
केले के पेड़ की पूजा
ज्योतिष शास्त्र में केले का पेड़ बृहस्पति और लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। गुरुवार को सुबह केले के पेड़ की पूजा करें। पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और हल्दी-चंदन का तिलक लगाएं। इसके बाद पीले धागे से पेड़ को बांधें और माता लक्ष्मी से समृद्धि की प्रार्थना करें। यह उपाय आर्थिक तंगी को दूर करता है और धन लाभ के अवसर बढ़ाता है।
दान-पुण्य
गुरुवार को दान का विशेष महत्व है। इस दिन पीली वस्तुओं जैसे हल्दी, चने की दाल, पीले मिठाई या पीले कपड़े का दान करें। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, दान करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। विशेष रूप से किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं या मंदिर में पीली मिठाई का भोग लगाएं। यह कार्य धन और सुख में वृद्धि करता है।
श्रीसूक्त का पाठ
श्रीसूक्त का पाठ माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे प्रभावी उपाय है। गुरुवार को सूर्यास्त के समय स्वच्छ स्थान पर बैठकर श्री सूक्त का 11 या 21 बार पाठ करें। पाठ के दौरान दीपक में घी और कपूर जलाएं। यह उपाय धन, वैभव और समृद्धि को आकर्षित करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नियमित रूप से श्री सूक्त का पाठ करने से आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और स्थायी समृद्धि प्राप्त होती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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