Ganga Dussehra 2025: हिन्दू धर्म में गंगा नदी को मां के रूप में पूजनीय स्थान प्राप्त है और इसे मोक्षदायिनी कहा गया है। मान्यता है कि गंगा जल पवित्र और पुण्य प्रदान करने वाला होता है, जो जन्म-जन्मांतर के पापों का शुद्धिकरण करता है। गंगा दशहरा, मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का पर्व है, जो हर साल ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। साल 2025 में गंगा दशहरा गुरुवार 5 जून को मनाया जाएगा। इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजन का विशेष महत्व है। श्रद्धालु गंगा तटों पर एकत्र होकर पवित्र स्नान करते हैं और गंगा मां से पापों से मुक्ति और जीवन में शुद्धता की प्रार्थना करते हैं।
दिल्ली-एनसीआर का छोटा हरिद्वार
दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के लोगों के लिए खुशखबरी यह है कि यदि वे गंगा दशहरा मे पावन मौके पर गंगा जी में पुण्य की डुबकी लगाना चाहते हैं, तो लगभग 20 मिनट की दूरी पर स्थित मुरादनगर स्थित ‘छोटा हरिद्वार’ पहुंच सकते हैं और किराया है मात्र 80 रुपये। यह नमो ट्रेन की बदौलत संभव हुआ है।
जी हां, यदि आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और गंगा दशहरा और अन्य मौकों पर हरिद्वार के गंगा स्नान का आनंद उठाना चाहते हैं, तो दिल्ली से मेरठ जाने की रूट पर मुरादनगर पहुंचे, जहां गंगनहर बहती है, जो सीधा हरिद्वार से आती है।
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नमो भारत का किफायती सफर
मुरादनगर स्थित ‘छोटा हरिद्वार’ अब दिल्ली-एनसीआर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहद सुलभ हो गया है। दिल्ली के आनंद विहार से इसकी दूरी लगभग 35 किलोमीटर है, जिसे नमो भारत ट्रेन से महज 22 से 23 मिनट में तय किया जा सकता है। इस रूट पर स्टैंडर्ड कोच का किराया सिर्फ 80 रुपये है, जबकि प्रीमियम कोच के लिए 95 रुपये देने होते हैं।
वहीं, गाजियाबाद से ‘छोटा हरिद्वार’ की दूरी लगभग 18 किलोमीटर है और यह सफर मात्र 12 मिनट में पूरा हो जाता है। इस दूरी के लिए स्टैंडर्ड कोच में 40 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। यह कहना गलत नहीं होगा कि नमो भारत की तेज, आरामदायक और सस्ती सेवा ने ‘छोटा हरिद्वार’ जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच को बेहद आसान बना दिया है।
यदि आप ट्रेन से नहीं जा सकते हैं, तो आप रोडवेज या अपनी गाड़ी से भी जा सकते हैं और लगभग 1 घंटे में आसानी से पहुंच सकते हैं।
हरिद्वार का एक आसान विकल्प
मुरादनगर स्टेशन से छोटा हरिद्वार तक पहुंचना बहुत आसान है। लोग कुछ ही मिनट पैदल चलकर वहां पहुंच जाते हैं। गंगनहर के किनारे बसा यह एक शांत और धार्मिक स्थल है, जहां का माहौल हरिद्वार जैसा लगता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल भरने, पवित्र स्नान करने और पूजा-पाठ जैसे धार्मिक कार्यों के लिए आते हैं। जो लोग समय की कमी या संसाधनों के चलते हरिद्वार नहीं जा पाते, उनके लिए छोटा हरिद्वार एक अच्छा और नजदीकी विकल्प बन गया है।
आपको बता दें कि मुरादनगर की गंगनहर पर कुछ साल पहले हरिद्वार की हर की पैड़ी की तरह ही सुंदर घाट बनाए गए। यहां मंदिर, घंटाघर और अन्य धार्मिक ढांचे भी बनाए गए, जिससे इसका रूप हर की पैड़ी जैसा हो गया। इसके बाद इसे ‘छोटा हरिद्वार’ के नाम से जाना जाने लगा। धीरे-धीरे यहां भी वही धार्मिक गतिविधियां होने लगीं जो हरिद्वार की हर की पौड़ी और ब्रह्मकुंड पर होती हैं।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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