Surya Grahan 2024: सूर्य ग्रहण से धन, स्वास्थ्य और रिश्तों पर संकट; इन 3 उपायों से होगा लाभ!

Surya Grahan 2024: वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रहण लगना शुभ नहीं माना गया है। बुधवार 2 अक्टूबर, 2024 के सूर्य ग्रहण से जीवन के सभी पहलुओं पर असर पड़ेगा। आइए जानते हैं, इनकम, धन, हेल्थ और रिलेशनशिप पर इसका क्या गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है और किन उपायों से इसके असर को दूर या कम कर सकते हैं।

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Surya Grahan 2024: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण के असर का देश-दुनिया, मौसम, प्रकृति सहित सभी राशियों और पृथ्वी पर रहने वाले सभी जीवों पर गंभीर असर होता है। साथ ही यह दूसरे ग्रहों के फल देने की शक्ति पर भी प्रभाव डालता है। सूर्य सभी 9 ग्रहों में सबसे प्रमुख हैं। वे ग्रहों के स्वामी माने गए हैं। यह देखा गया है कि सूर्य ग्रहण का सीधा प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव, मानसिक स्थिति, स्वास्थ्य, सामाजिक रिश्ते और आर्थिक जीवन पर पड़ता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्यदेव का राशियों में गोचर के दौरान पापी ग्रह केतु से युति यानी मिलन होता है, तो सूर्य ग्रहण लगता है। कहते हैं कि केतु ग्रह भगवान सूर्य को ग्रस लेता है, तो सूर्य निस्तेज हो जाते हैं यानी उनके बल और प्रकाश में कमी आ जाती है। आइए जानते हैं, आज बुधवार 2 अक्तूबर, 2024 को साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगने का जीवन के किन क्षेत्रों पर सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है? साथ ही यह भी जानेंगे कि किन उपायों से जीवन पर से सूर्य ग्रहण के नकारात्मक असर को कैसे दूर या कम किया जा सकता है?

सूर्य ग्रहण का इनकम पर असर

सूर्य ग्रहण के नकारात्मक असर से अचानक धन हानि होने की संभावना बढ़ जाती है। यह धन का चोरी होना, निवेश में नुकसान होना या अन्य कारण से हो सकता है। साथ ही साथ इनकम में भी कमी आ सकती है। नौकरी में समस्याएं और व्यापार में मंदी आने से इनकम प्रभावित होती है। केवल इतना ही नहीं, अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, घर में मरम्मत या दुर्घटना जैसे अन्य कारणों से हो सकता है।

स्वास्थ्य पर होंगे ये असर

वैदिक ज्योतिष सूर्य को स्वास्थ्य, ऊर्जा और मनोबल का कारक माना जाता है, इसलिए सूर्य ग्रहण का सीधा प्रभाव व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहण लगना अच्छा नहीं माना गया है। सूर्य ग्रहण के नकारात्मक असर के कारण लोगों के तरह-तरह के इंफेक्शन हो सकते हैं, परिवार के सदस्य बीमार पड़ सकते हैं, तबीयत बार-बार बिगड़ सकती है। अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ सकती है। इलाज में अत्यधिक धन खर्च हो सकता है।

वैज्ञानिक रूप सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों नहीं देखना चाहिए।

रिश्ते भी होंगे प्रभावित

सूर्य ग्रहण के नकारात्मक असर का रिश्तों और संबंधों पर व्यापक और गहरा असर होता है। व्यक्ति के स्वभाव, बोली और एटीट्यूड में नेगेटिविटी आने से रिश्ते अधिक बिगड़ते है। अक्सर देखा गया है कि रिश्तों में आई कड़वाहट जीवन को बर्बाद कर देती है। ज्योतिष मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान न केवल सूर्य बल्कि चंद्रमा सहित अन्य ग्रहों पर इसका असर होता है, जो व्यक्ति के मनोदशा और व्यवहार को प्रभावित करता है।

माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के असर व्यक्ति में नकारात्मक सोच बढ़ जाती है, जो रिश्तों और संबंधों में विश्वास की कमी पैदा करता है। आपसी प्रेम, सामंजस्य और मधुरता घटती है। इससे छोटी-छोटी बातों पर भी झगड़े और विवाद होते हैं, जिससे रिश्ते खराब हो सकते हैं।

सूर्य ग्रहण के नेगेटिव असर दूर करने के उपाय

हिन्दू धर्म ग्रंथों में ‘हरि सुमिरन’ को सूर्य ग्रहण के प्रभाव को रोकने या दूर करने का सबसे उत्तम उपाय बताया गया है। ग्रंथों के मुताबिक, ग्रहण के दौरान भगवान के नाम का निरंतर स्मरण करते रहने से जीवन पर ग्रहण का प्रभाव नहीं के बराबर होता है।

स्नान और दान: धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि सूर्य ग्रहण के बाद नदियों, सरोवरों और तालाबों में स्नान करना चाहिए। इससे ग्रहण असर कम हो जाता है। वहीं स्नान के बाद दान देने से पितर प्रसन्न होते हैं और ग्रहण के प्रभाव को अपने ऊपर ले लेते हैं। इससे व्यक्ति और परिवार को ग्रहण से राहत मिल जाती है। कलियुग में ग्रहण के बाद गंगा नदी में स्नान कर दान करना सर्वोत्तम माना है।

देव दर्शन और मंत्र जाप: मान्यता है कि ग्रहण के बाद स्नान शुद्धि कर मंदिर जाकर भगवान दर्शन और उनकी पूजा करने से लाभ होता है। भगवान के सामने बैठकर मंत्र जाप करने से मन शांत होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

गऊ सेवा, हल्दी का टुकड़ा और तुलसी के उपाय: मान्यता है ग्रहण के बाद गाय को चारा खिलाने से स्वास्थ्य पर ग्रहण नेगेटिव असर कम हो जाता है। वहीं ग्रहण के दौरान हल्दी का एक टुकड़ा अपने पास रखने से भविष्य में होने वाली धन हानि से बचाव होता है। यह माना जाता है कि ग्रहण के बाद तुलसी के पत्ते का सेवन करने से स्वास्थ्य लाभ होता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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