Success Tips: शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त को दिन का सबसे पवित्र समय माना गया है. आम तौर पर यह समय सुबह 4 बजे से 5.30 बजे के बीच का होता है. मान्यता है कि इस अवधि में वातावरण शांत, शुद्ध और ऊर्जा से भरपूर रहता है. मन स्थिर रहता है और ध्यान जल्दी लगता है.
ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस समय जागने वाले लोगों पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. इसे सफलता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि यह आस्था पर आधारित मान्यता है, लेकिन सुबह जल्दी उठना स्वास्थ्य और अनुशासन के लिए लाभकारी माना गया है.
पहला काम: मंत्र जाप और ध्यान
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान के बाद सुखासन में बैठें. आंखें बंद करें. मन को शांत करें. इसके बाद इस मंत्र का जाप करें: ‘ऊं ब्रह्म मुरारी पुरान्तकारी भानु शशि भूमि सुतो बुधश्च गुरुश्च शुक्र शनिए राहु केतवः कुरुवंतु सर्वे मम सुप्रभातम् ऊं.’ मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से नवग्रह और देवताओं का आशीर्वाद मिलता है. विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह का ध्यान और मंत्र उच्चारण मानसिक स्पष्टता बढ़ाता है. दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच से होती है.
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दूसरा काम: कर दर्शन मंत्र
सुबह उठते ही अपनी हथेलियों को देखें. फिर यह मंत्र बोलें: ‘ॐ कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती करमूले तू गोविंद प्रभाते कर दर्शनम्.’ हिन्दू धर्म की मान्यता है कि धार्मिक विश्वास है कि हथेलियों में लक्ष्मी, सरस्वती और विष्णु का वास होता है. इस मंत्र के साथ दिन की शुरुआत को शुभ माना गया है.
जल्दी उठने के व्यावहारिक फायदे
आयुर्वेद में भी सूर्योदय से पहले उठना स्वास्थ्य के लिए अच्छा बताया गया है. इससे पाचन सुधरता है. मन एकाग्र रहता है. दिनभर ऊर्जा बनी रहती है. देर तक सोने से सुस्ती बढ़ती है. समय प्रबंधन प्रभावित होता है.
अनुशासन से मिलती है तरक्की
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में नियमित उठते हैं और ये दो काम करते हैं, उनके जीवन में उन्नति होती है. वहीं व्यवहारिक नजरिए से देखें तो यह समय आत्मचिंतन, योजना और मानसिक मजबूती का होता है. सुबह का यह एक घंटा पूरे दिन की दिशा तय कर सकता है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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