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Somvati Amavasya 2024: क्यों महत्वपूर्ण है साल की आखिरी सोमवती अमावस्या? जानें स्नान-दान का मुहूर्त

Somvati Amavasya 2024: कहते हैं, पांडव पूरा जीवन सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान लिए तरसते रहे थे, लेकिन वह कभी नहीं पड़ी। आइए जानते हैं, इस साल की आखिरी सोमवती अमावस्या कब है, क्यों महत्वपूर्ण है और इस दिन स्नान दान का शुभ मुहूर्त क्या है?

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Somvati Amavasya 2024: हिन्दू धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि सोमवार को अमावस्या बड़े भाग्य से ही पड़ती है। किसी भी मास की अमावस्या यदि सोमवार को हो तो उसे सोमवती अमावस्या कहा गया है। ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि महाभारत काल में पाण्डव सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान और दान के लिए पूरा जीवन तरसते रहे थे, लेकिन उनके संपूर्ण जीवन में सोमवती अमावस्या कभी नहीं पड़ी।

हिन्दू पंचांग के अनुसार अमावस्या तो हर महीने आती है, लेकिन वह सोमवार के दिन पड़े यह दुर्लभ होता है। बता दें, इस साल पौष महीने की महीने की अमावस्या सोमवार के दिन पड़ रही है. आइए जानते है कि इस साल की आखिरी सोमवती अमावस्या कब है, क्यों महत्वपूर्ण है और इस दिन स्नान और दान का शुभ मुहूर्त क्या है?

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सोमवती अमावस्या का महत्व

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रत्येक अमावस्या को सूर्य और चंद्रमा एक सीध में स्थित रहते हैं। सोमवार का दिन चंद्रमा को समर्पित है। इसलिए सोमवती अमावस का दिन विशेष पुण्य देने वाला माना गया है।
  • सोमवार का दिन महादेव भगवान शिव का दिन माना जाता है. देवाधिदेव भगवान शंकर ने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण कर रखा है. इसलिए सोमवती अमावस्या पूर्णरूपेण भगवान शिव को समर्पित है।
  • निर्णय सिंधु व्यास के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन मौन रहकर स्नान-ध्यान और दान करने से एक हजार गाय के दान पुण्य फल प्राप्त होता है। यदि स्त्रियां इस दिन यह काम करती हैं, तो पूरे कुल-खानदान का कल्याण होता है।
  • धर्म ग्रंथों के अनुसार, सोमवती अमावस्या का दिन पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए श्राद्ध की रस्मों को करने के लिए उपयुक्त माना गया है। कालसर्प दोष निवारण की पूजा करने के लिए भी यह दिन उपयुक्त होता है।

सोमवती अमावस्या 2024 कब है?

सनातन पंचांग के अनुसार, साल 2024 की पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 30 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 1 मिनट से शुरू होगी है और इस तिथि की समाप्ति 31 दिसंबर को सुबह 3 बजकर 56 मिनट पर होगी। सूर्य के उदय होने की तिथि नियम यानी उदयातिथि के अनुसार, सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर को मनाई जाएगी।

सोमवती अमावस्या 2024 स्नान-दान मुहूर्त

हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार, सोमवती अमावस्या पर पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान और उसके बाद दान के लिए शुभ और सर्वश्रेष्ठ होता है। साल 2024 की सोमवती अमावस्या के दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:

प्रातः मुहूर्त: सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 6 बजकर 18 मिनट तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 2 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक

विजय मुहूर्त: दोपहर बाद 2 बजकर 7 मिनट से 2 बजकर 49 मिनट तक

अमृत काल: शाम 5 बजकर 24 मिनट से 7 बजकर 02 मिनट तक (गोधूली मुहूर्त भी इसी मुहूर्त में पड़ता है।)

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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