Skipping Bath In Winter Weakens Planets: सर्दियों में अधिकतर लोग नहाने से बचते हैं. जहां कुछ लोग 1-2 दिन छोड़कर नहाते हैं, वहीं उन लोगों की भी कमी नहीं है जो हफ्ते में केवल एक बार ही नहाना पसंद करते हैं. यदि आप भी ऐसा ही करते हैं तो आज से ही अपनी इस आदत को बदल दें. दरअसल, न नहाने की आदत से कुंडली में मौजूद कुछ ग्रहों की स्थिति कमजोर होती है. ऐसे में व्यक्ति परेशान ही रहता है. चलिए ज्योतिष शास्त्र की मदद से जानते हैं कि न नहाने की आदत से कौन-कौन से ग्रह कमजोर होते हैं और उनका जीवन पर कैसा प्रभाव पड़ता है.
नहाने के धार्मिक लाभ
प्रतिदिन नहाने से कुंडली का पहला भाव और लग्न स्वामी मजबूत होता है, जिस कारण जीवन में स्थिरता आती है और बार-बार नजर नहीं लगती है. इसके अलावा कुंडली में शनि ग्रह और मंगल ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, जिसकी वजह से करियर में सफलता मिलती है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है. इसके अलावा सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है, जिस कारण आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है.
वहीं, जो लोग नियमित रूप से किसी पवित्र नदी या घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करते हैं, उनके शरीर और मन दोनों की शुद्धि होती है. साथ ही पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है.
न नहाने के नुकसान
जो लोग नियमित रूप से नहीं नहाते हैं और अस्वच्छ रहते हैं, उनकी कुंडली में शुक्र ग्रह और चंद्र ग्रह की स्थिति कमजोर होने लगती है. ग्रहों के निर्बल होने के कारण व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान रहता है. साथ ही सोचने-समझने की क्षमता कमजोर होती है और किसी भी चीज में मन नहीं लगता है. इसके अलावा व्यक्ति आए-दिन बीमार होता है.
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि पापी ग्रह राहु गंदगी का कारक है. जो लोग नियमित रूप से नहीं नहाते हैं व जिनके शरीर से बदबू आती है, उन्हें राहु ग्रह के अशुभ प्रभाव का सामना करना पड़ता है. कुंडली में राहु के निर्बल होने के कारण हर काम में बाधा उत्पन्न होती है. व्यक्ति हर समय परेशान रहता है और उसे लोगों से मिलने-जुलने में डर लगता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.