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Shiv Ji and Bhang: क्या है शिव जी और भांग का संबंध? जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथा और इतिहास

Shiv Ji and Bhang: शिव जी को भांग और धतूरा चढ़ाया जाता है. भांग-धतूरा जैसी नशीली चीजों को भगवान शिव को क्यों चढ़ाते हैं, लोगों के मन में अक्सर सवाल आता है. शिव जी और भांग का संबंध क्या है? आइये इसे पौराणिक कथा के जरिए समझते हैं.

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Photo Credit- AI

Shiv Ji and Bhang: भगवान शिव को भांग, धतूरा और बेलपत्र चढ़ाया जाता है. भक्त शिवलिंग पर दूध और जल के साथ ही भांग और धतूरा अर्पित करते हैं. ऐसे में कई लोग भगवान शिव और भांग का संबंध बताकर नशे की आदत को उचित बताते हैं. सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान कई लोग रास्तों में नशा करते हुए और भांग पीते हुए दिख जाते हैं. भगवान शिव का भांग से क्या संबंध है? भगवान शिव को भांग क्यों चढ़ाई जाती है, आइये इसके बारे में जानते हैं.

भगवान शिव और भांग का संबंध

शिव जी और भांग के संबंध को समझने के लिए समुद्र मंथन की कथा के बारे में जानना होगा. पौराणिक कथाओं के अनुसार, अमृत प्राप्ति के लिए असुरों और देवताओं ने समुद्र मंथन किया था. समुद्र मंथन के दौरान क्षीर सागर से हलाहल विष निकला था. इसकी ऊष्मा और प्रभाव से सृष्टि नष्ट होने लगी थी. तब भगवान शिव ने सृष्टि को बचाने के लिए हलाहल विष पी लिया था और इसे कंठ में रोक लिया था. शिव जी के हलाहल विष के पीने के बाद कंठ नीला पड़ने के कारण ही उनका एक नाम नीलकंठ भी है.

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जब शिव जी ने विष पी लिया था, तो इसके प्रभाव से उनके शरीर में जलन होने लगी थी. शरीर की जलन को कम करने के लिए देवताओं ने जड़ी-बूटियों और जल को शिव जी को अर्पित किया था. शिव जी को ठंडक देने वाली जड़ी-बूटियां जैसे भांग और धतूरा चढ़ाई गई और इनका लेप लगाया गया. इस प्रकार भगवान शिव ने भांग का इस्तेमाल औषधी के तौर पर किया था. शिव जी कभी भी भांग का नशा नहीं करते थे. आजकल लोग अपने नशे को उचित ठहराने के लिए शिव जी के नाम का इस्तेमाल करते हैं, जो बिल्कुल गलत है.

शिव पूजा में भांग-धतूरे का प्रयोग

भगवान शिव की पूजा में भांग और धतूरे का इस्तेमाल करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं. शिव जी को भांग, धतूरा और बेलपत्र अर्पित करने से महादेव का आशीर्वाद मिलता है. जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. शिव भक्तों को शिवलिंग पर जल और दूध के साथ ही भांग के पत्तों, धतूरे और बेलपत्र को चढ़ाना चाहिए.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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