Shardiya Navratri 2026: आज सुबह 5 बजकर 54 मिनट तक षष्ठी तिथि मान्य रहेगी. इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू होगी. सूर्योदय का समय 5 बजकर 34 मिनट है. ऐसे में कई लोग आज षष्ठी तिथि का व्रत रखेंगे. हालांकि, पूरे दिन सप्तमी तिथि होने के कारण सप्तमी तिथि का व्रत रखा जा सकता है. आज सप्तमी तिथि का व्रत करने वाले लोग मां कालरात्रि की पूजा करें. मां कालरात्रि की पूजा के लिए विधि, आरती और मंत्र के बारे में यहां जान सकते हैं.
मां कालरात्रि पूजा विधि
सप्तमी तिथि व्रत के दौरान मां कालरात्रि की पूजा का विधान है. मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा के लिए सुबह उठकर स्नान कर साफ वस्त्र पहन लें. आप पूजा स्थान की सफाई करें और गंगाजल से शुद्ध करें. लकड़ी की चौकी स्थापित करें. इसे ऊपर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. इसके बाद मां कालरात्रि की प्रतिमा स्थापित करें. मां कालरात्रि की प्रतिमा के समक्ष दीप और धूप जलाएं. रोली, अक्षत और कुमकुम अर्पित करें. भोग लगाएं, देवी मां कालरात्रि के मंत्रों का जाप करें और आरती कर पूजा संपन्न करें.
मां कालरात्रि प्रिय भोग और रंग
मां कालरात्रि की पूजा में ग्रे रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है. आप सुबह स्नान कर ग्रे या लाल रंग के कपड़े पहन सकते हैं. इसके साथ ही देवी मां को गुड़ का हलवा, गुड़ की खीर और मालपुए का भोग लगाएं. इन सभी के साथ ही आप फल और मिठाई का भोग लगा सकते हैं.
मां कालरात्रि पूजा मंत्र
- ॐ देवी कालरात्र्यै नमः
- या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नम:
मां कालरात्रि की आरती
कालरात्रि जय जय महाकाली।काल के मुंह से बचाने वाली॥
दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा।महाचण्डी तेरा अवतारा॥
पृथ्वी और आकाश पे सारा।महाकाली है तेरा पसारा॥
खड्ग खप्पर रखने वाली।दुष्टों का लहू चखने वाली॥
कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब जगह देखूं तेरा नजारा॥
सभी देवता सब नर-नारी। गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥
रक्तदन्ता और अन्नपूर्णा। कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥
ना कोई चिन्ता रहे ना बीमारी। ना कोई गम ना संकट भारी॥
उस पर कभी कष्ट ना आवे। महाकाली मां जिसे बचावे॥
तू भी भक्त प्रेम से कह। कालरात्रि मां तेरी जय॥
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.