Shani Jayanti 2025: शनि जयंती का पर्व शनिदेव के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह दिन शनिदेव की कृपा प्राप्त करने का सबसे श्रेष्ठ अवसर होता है। हिंदू धर्म के अनुसार, शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि जयंती के दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ शनि मंदिरों में दर्शन करने से जीवन की बाधाएं, साढ़ेसाती और ढैय्या जैसे दोष दूर हो सकते हैं।
भारत में कई ऐसे प्रसिद्ध शनि मंदिर हैं जहां देश-विदेश से श्रद्धालु विशेष रूप से शनि जयंती पर दर्शन के लिए आते हैं। ये मंदिर न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे जुड़ी लोक कथाएं और चमत्कार लोगों की आस्था को और भी मजबूत बनाते हैं। अगर आप भी शनि देव की कृपा पाना चाहते हैं, तो आइए जानें भारत के 7 विश्व प्रसिद्ध शनि मंदिरों के बारे में जहां जाकर आपकी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं और जीवन में शांति व समृद्धि का आगमन होता है।
शनि शिंगणापुर मंदिर
यह मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है और यह देश के प्रसिद्ध शनि मंदिरों में से एक है। इस गांव की खासियत यह है कि यहां किसी भी घर में दरवाजे नहीं हैं, क्योंकि लोगों का विश्वास है कि शनि देव की कृपा से यहां चोरी नहीं होती। शनि जयंती के दिन यहां विशेष पूजा, अभिषेक और आरती का आयोजन होता है, और भक्तों की लंबी कतार लगती है।
शनि धाम
दिल्ली के छतरपुर क्षेत्र में स्थित यह मंदिर उत्तर भारत का एक प्रमुख शनि तीर्थ है। यहां भगवान शनि की विशाल प्रतिमा है, जो विश्व की सबसे ऊंची शनि प्रतिमाओं में से एक मानी जाती है। शनि जयंती पर हजारों श्रद्धालु दर्शन और तैलाभिषेक के लिए यहां आते हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां की गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होती है।
जून शनि मंदिर
इंदौर शहर में स्थित यह एक प्राचीन और प्रसिद्ध शनि मंदिर है, जिसे ‘जून शनि मंदिर’ कहा जाता है। यहां हर शनिवार और विशेष रूप से शनि जयंती पर भारी भीड़ उमड़ती है। तैलाभिषेक और विशेष हवन का आयोजन भक्तों के कष्ट दूर करने के लिए किया जाता है।
शनि महात्मा मंदिर
कर्नाटक राज्य में स्थित यह मंदिर दक्षिण भारत के प्रमुख शनि मंदिरों में गिना जाता है। यहां शनिदेव की पूजा के साथ-साथ नवग्रह पूजा का भी विशेष महत्व है। शनि जयंती के दिन भव्य समारोह और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं जो दूर-दूर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।
येरडा पुर शनि मंदिर
तेलंगाना के येरडानपुर गांव में स्थित यह मंदिर इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि यहां की मान्यता है कि शनि देव स्वयं प्रकट हुए थे। यह मंदिर ग्रामीण आस्था का केंद्र है और शनि जयंती के दिन यहां विशाल मेला लगता है। भक्त दूर-दूर से यहां दर्शन करने आते हैं।
शनिचरा मंदिर
ग्वालियर के पास मुरैना जिले में स्थित यह शनिचरा मंदिर बहुत प्राचीन है। मान्यता है कि यह वही स्थान है जहां हनुमान जी ने शनिदेव को रावण की कैद से मुक्त कर हवा में फेंका था। शनि जयंती पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
शनैश्चर भगवान मंदिर
तमिलनाडु के तिरुनल्लर में स्थित यह मंदिर धर्मराज शनैश्वर को समर्पित है। यह दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध शनि मंदिरों में से एक है। यहां भी शनि जयंती पर विशेष पूजा और आयोजन होते हैं और श्रद्धालु दूर-दूर से यहां दर्शन हेतु पहुंचते हैं।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है
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